सीतापुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता संभालने के साथ ही नौ वर्ष पहले डिजिटल लेनदेन की महत्वाकांक्षी योजना बनाई थी। नोटबंदी के दौरान डिजिटल लेनदेन को नया आयाम मिला, तो सब्जी की दुकानों से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों तक पर डिजिटल लेनदेन के संसाधन नजर आने लगे।
प्रधानमंत्री की पहल पर अधिकांश छोटे-बड़े व्यापारी डिजिटल लेनदेन की राह पर सरपट दौड़ लगाने लगे, लेकिन यूपी और खास तौर पर सीतापुर के नेताओं को अभी भी कैश यानी नकद रुपये रखना ज्यादा पसंद है।
नेताओं को कैश पसंद होने की बात पढ़ने और सुनने में अचरज भरी लग सकती है, लेकिन निकाय चुनाव में नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए जाने वाले हलफनामे में अधिकांश प्रत्याशियों ने बीस हजार रुपये से कहीं अधिक की नकदी हाथ में होने का उल्लेख किया है।
सीतापुर नगर पालिका से अध्यक्ष पद की सपा प्रत्याशी रश्मि जायसवाल हैं। नामांकन के साथ दाखिल किए गए शपथ पत्र के मुताबिक उनके पास साढ़े छह लाख रुपये नकद हैं उनके पति सचिन गुप्ता के पास पांच लाख रुपये नगद हैं। इसी सीट से भाजपा प्रत्याशी नेहा अवस्थी के हलफनामे के मुताबिक उनके पास डेढ़ लाख रुपये नगद हैं, जबकि पति नमींद्र अवस्थी के पास भी दो लाख रुपये कैश है।
महमूदाबाद नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी अंबरीश गुप्ता हैं। नामांकन के साथ दाखिल किए गए हलफनामे में उन्होंने खुद के पास चार लाख रुपये नगद होना दर्शाया है। इसी सीट से सपा प्रत्याशी मोहम्मद अहमद ने दो लाख रुपये और बसपा प्रत्याशी ज्ञान सागर गुप्ता ने एक लाख रुपये नगद होने का उल्लेख किया है।
हरगांव नगर पंचायत से भाजपा के प्रत्याशी हरिनाम मिश्र हैं। वह पूर्व में भी पंचायत के अध्यक्ष रह चुके हैं। नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए हलफनामे में उन्होंने अपने पास दो लाख रुपये नगद होना दर्शाया है। पत्नी के पास भी दो लाख रुपये नगद होने का उल्लेख हलफनामे में है। इसी तरह सपा प्रत्याशी जन्नतुन निशा ने नामांकन के साथ दिए हलफनामे में खुद के पास दो लाख साठ हजार रुपये नगद होने का उल्लेख किया है। उनके पति नजीर अहमद के पास भी तीन लाख रुपये नगद हैं।