प्रधानमंत्री आवास योजना में ग्रामवार जारी हाउसलेस सूची में तमाम खामियां मिली हैं। कारण यह है कि गांव वार जारी सूची में पात्रों के नाम कम हैं। गांवों में सूची से कहीं ज्यादा पात्र निकल रहे हैं। यही नहीं उनके नाम भी फेहरिस्त में नहीं है।
खास बात तो यह है कि जारी सूची में जिनके नाम अंकित हैं, वह गांव में खोजे नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में गांव में सूची का वेरीफिकेशन करने के लिए पहुंचने वाले अफसरों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। यही नहीं अधिसंख्य जगहों पर तो विवाद की भी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। अब जिला प्रशासन शासन व जनप्रतिनिधियों को पत्र भेजने की तैयारी में है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इंदिरा आवास योजना की जगह प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की है। योजना में लाभार्थियों को आवास बनाने के लिए 1.20 लाख का अनुदान मुहैया कराया जाएगा। मोदी सरकार ने तीन वर्ष में देश के पांच करोड़ बेघर व कच्चे घरों में रहने वाले लोगों को आवास सुविधा मुहैया कराने की योजना तैयार की है।
2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक व जातीय जनगणना के आंकड़ों पर यह घर मुहैया कराए जाएंगे। सीतापुर में भी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 1,66,226 बेघर व कच्चे मकानों में रहने वाले ग्रामीणों को आवास सुविधा मुहैया कराया जाएगा। आवास सुविधा के लिए ग्राम स्तर पर सर्वे चल रहा है।
सभी को तीन वर्ष में प्राथमिकता के आधार पर आवास मुहैया कराए जाएंगे। लेकिन गांवों में चल रहे सर्वे के दौरान प्रत्येक गांव में ऐसे लाभाथिर्यो की अधिक संख्या मिल रही हैं, जो पात्र हैं, लेकिन उनका नाम सूची में नहीं है। इसको लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
ऐसे में अफसर व कर्मी गांव जाने से तौबा कर रहे हैं। इस पर डीएम ने वर्ष 2011 की इस पात्रता सूची में संशोधन की मांग को लेकर शासन व जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखे जाने की बात कही है।