500 व 1000 के नोट बंद होने के 12 दिन बाद भी जिले में कैश का संकट खत्म होता नहीं दिख रहा है। शनिवार को बैंकों में लाइनें छोटी जरूर नजर आईं पर बैंकों में उपभोक्ताओं के आने का दौर जारी रहा। शहरी इलाके की बैंकों में भुगतान होता रहा। जबकि ग्रामीण क्षेत्र की बैंकों में कैश का संकट दिखा। कुछ ऐसा ही हाल एटीएम का भी था।
अधिसंख्य एटीएम शोपीस बने रहे। ये संकट कब खत्म होगा, इस बारे में जिम्मेदारों को कोई जानकारी नहीं है। शनिवार को बैंकों में 60 करोड़ कैश जमा हो सका। जबकि पांच करोड़ रुपये निकाले व बदले गए। शनिवार को विशेष रूप से बुजुर्गों को कैश बदलने की छूट थी लेकिन उन्हें भी राहत मिलती नहीं दिखी।
शनिवार को बुजुर्गों को बैंकों में प्राथमिकता दी गई थी। इस वजह से बुजुर्ग अपने रुपये चेंज कराने पहुंचे। लहरपुर में सात बैंक शाखाओं में कैश का संकट रहा। यहां पर गिने-चुने बुजुर्गों को ही भुगतान हो सका। जबकि आधा घंटे बाद ही कैश खत्म हो गया।
ठीक ऐसा ही हाल तंबौर, बिसवां, महमूदाबाद, संदना, मिश्रिख, कुतुबनगर, महोली, सिधौली आदि कस्बों का रहा। यहां कैश खत्म हो गया था। पैसा आने पर ही भुगतान का दिलासा दिया जा रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों की सभी एटीएम शोपीस बने दिखे। इससे बुजुर्गों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जिले के 102 एटीएम में करीब 18 ही काम कर रहे थे। इनमें से पांच शहर की हैं। बैंक अधिकारियों का कहना है कि रुपयों की कमी के चलते ग्राहकों को भुगतान में दिक्कतें आ रही हैं। जैसे ही यहां के चेस्ट में आरबीआई से कैश पहुंचेगा, भुगतान किया जाने लगेगा।
जल्द खत्म होगी कैश की दिक्कत
जिले में करेंसी की नई खेप जल्द ही आने वाली है। इसके बाद सभी बैंक शाखाओं में पर्याप्त रुपया पहुंचा दिया जाएगा। जिसके बाद खाताधारकों को कैश भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
सिद्धार्थो पॉल, एलडीएम