गांव में बिजली नहीं और कॉर्पोरेशन ने सात लोगों को बिजली चोर बताते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी। विवेचना के दौरान जब गांव में विद्युतीकरण न होना पाया गया तो पुलिस ने एफआर लगा दी, लेकिन कॉर्पोरेशन कर्मियों की आंखें फिर भी नहीं खुलीं।
महकमे ने दो जुलाई को सातों लोगों को आरसी जारी कर दी। आरसी पहुंची तो सभी हक्के-बक्के रह गए। आक्रोशित लोगों ने आरसी लेने से इन्कार कर दिया है। मामला विकास खंड कसमंडा के कुसमौरा गांव से जुड़ा है।
2011-12 में कुसमौरा का चयन अंबेडकर गांव के रूप में हुआ था। जिसके बाद गांव में विकास कार्य तेजी से हुए। उसी दौरान गांव के विद्युतीकरण की कवायद भी शुरू की गई।
गांव में खंभे लगा दिए गए, पर विद्युत लाइन नहीं खींची जा सकी और काम बंद हो गया। इसी बीच 15 अगस्त 2014 को जेई राजाराम की ओर से गांव के विद्याधर पांडेय, विमलेश, गंगादीन, राजा पांडेय, मुन्ना, रामनरायन व तिवारी के खिलाफ कमलापुर थाने में बिजली चोरी का केस दर्ज कराया गया।
उप निरीक्षक रामबाबू को मामले की विवेचना मिली। उन्होंने गांव जाकर देखा तो वहां विद्युतीकरण नहीं मिला। इस पर विवेचक ने मामले में एफआर लगाकर फाइल बंद कर दी।
इसके बाद भी महकमे ने सातों लोगों के खिलाफ आरसी जारी कर दी। दो जुलाई को कर्मी 18,832 रुपये की आरसी लेकर गांव पहुंचे तो सभी हैरान रह गए। कॉर्पोरेशन की इस हरकत से ग्रामीणों में गुस्सा है। फिलवक्त इन लोगों ने आरसी लेने से इन्कार कर दिया है।