कैश्ा के लिए बैंक में लगी लाइन।
500 व 1000 के नोट बंद होने के आठ दिन बाद भी अर्थव्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी है। मंगलवार को छुट्टी के बाद बैंक खुले तो अफरातफरी रही। बैंक खुलने से पहले ही नोट बदलवाने के लिए लंबी कतारें लग गईं।
नतीजतन दो से तीन घंटों में ही बैंक में आई करेंसी खत्म हो गई। वहीं एटीएम न चलने से लोगों की मुसीबतें और बढ़ रही हैं। नोट जमा करने के लिए लोग अपना काम छोड़ बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को जिले की बैंक में 90 करोड़ रुपये जमा किए गए जबकि 15 करोड़ ही निकाले जा सके।
सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर बैंक बंद थे। मंगलवार को बैंक खुलने से पहले ही वहां लंबी कतारें लग चुकी थीं। जबकि एटीएम काम करते नहीं मिले। दोपहर तक कुछ एटीएम मशीनें चालू हुई, पर वह भी बीच-बीच में ठप हो गईं।
एटीएम से बहुत कम कैश निकला। इससे बैंकों पर ग्राहकों की भीड़ नजर आई। बैंक तो दस बजे खुल गए थे लेकिन एटीएम खुले ही नहीं। ऐसे में डेढ़ घंटे तक रास्ता तकने के बाद लोगों ने बैंक शाखाओं का रुख किया। इससे बैंकों में एकाएक भीड़ बढ़ गई।
लोग देर शाम तक बैंकों में लाइन लगाकर खड़े रहे। भीड़ उमड़ने से कुछ बैंकों में दोपहर 12 बजे ही कैश खत्म हो गया। लाइन में लगे लोगों को 2 घंटे के इंतजार के बाद कैश मंगवाकर दिया जा सका। उधर, जिले भर में एटीएम ने ढंग से काम नहीं किया। दोपहर 12 बजे के बाद 48 एटीएम कैश उगलने लगे, पर ये कुछ देर में ही ठप हो गए।