खाताधारकों को एक सप्ताह में 24 हजार रुपये निकालने की छूट है। जबकि विवाह वाले परिवारों को शर्तों के आधार पर ढाई लाख रुपये देने की बात कही जा रही है। बावजूद इसके बैंकों से 10 हजार रुपये तक निकाल पाना मुश्किल है।
कुछ ऐसी ही मुसीबत से इन दिनों गांजर का एक परिवार जूझ रहा है। बिटिया के निकाह की तारीख करीब आ गई है, लेकिन बैंक से रुपये नहीं निकल पा रहे हैं। थानगांव क्षेत्र के ग्राम रंगवा निवासी शरीफ की पुत्री रुखसाना बानो का विवाह बेहटा निवासी कलीम से होना है। 21 जनवरी को बारात आएगी।
शरीफ की मानें तो रेउसा के इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में उसके दो खाते हैं। एक जॉइंट खाता है और दूसरा उसका अकेला खाता है। दोनों खातों में करीब सवा लाख रुपये जमा हैं। विवाह में करीब एक लाख रुपये का खर्च आना है, बीते एक माह से वह बैंक के चक्कर लगा रहा है।
अब तक महज 8 हजार रुपये दो बार में बैंक ने निकाल दिए हैं। शरीफ कहता है कि उसने इस संबंध में जिलाधिकारी से भी शिकायत की है। बैंक के अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। यहां पर कोई सुनने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री के द्वारा मांगे गए 50 दिन भी पूरे हो गए हैं, लेकिन व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। पैसे न निकले तो मेहमानों का स्वागत कैसे हो पाएगा।