बुधवार रात क्षेत्र के पचीसा व गोडियन पुरवा में नौ घर कटकर नदी में समा
गए। अब ग्रामीण कटान के भय से घर व गांव छोड़कर सड़कों की तरफ भाग रहे हैं।
नदी कटान कर रही है।
रेउसा/मारूबेहड़ प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी के जल स्तर में गिरावट देखने को मिल रही है। बावजूद इसके मुसीबत टलती नजर नहीं आ रही है। नदी अब तेजी से तटीय क्षेत्र में कटान कर रही है।
बुधवार रात पचीसा गांव के पैरमा, बाबूराम, राम खेलावन, बच्चेराम, केशवराम, कैलाश व तहसीलदार के घर कटकर घाघरा में समा गए। दूसरी तरफ गोड़ियन पुरवा निवासी छोेटे लाल व कुन्नू व रामकुमार के घर कटकर नदी में समा गए। हालांकि इन घरों में रहने वाले परिवार कटान को देखते हुए पहले ही घर छोड़ दिया है।
इसके अलावा नदी निर्मल पुरवा, कोनी, फौजदार पुरवा, गोड़ियनपुरवा, सिसैया आदि गांवो में कटान कर रही है। इन गांवों में बसे लोग सड़कों की तरफ पलायन कर रहे हैं।
तंबौर प्रतिनिधि के अनुसार शारदा नदी के जलस्तर में भी गिरावट देखने को मिली है। शारदा नदी क्षेत्र के बड़रिया, बोधवा, बरेला, चंदीभानपुर, काशीपुर में कटान कर रही है। इन गांवों से भी ग्रामीण सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। इस क्षेत्र में भी सड़कें शरण स्थली बन रही हैं।
रामपुर मथुरा प्रतिनिधि के अनुसार इस क्षेत्र में भी घाघरा नदी के जल स्तर में गिरावट देखी जा रही है। यहां भी नदी पंडित पुरवा, लोधपुरवा व अंगरौरा में कटान कर रही है। इस क्षेत्र में भी सड़कें आबादी का रूप ले रही हैं, तमाम परिवारों ने बंधे पर डेरा डाल रखा है।