उन्होंने कहा कि नई वैक्सीन का नाम ए-एक्टीवेटेड पोलियो वायरस वैक्सीन है। यह बेहद प्रभावशाली है। दिसंबर माह से इस नई वैक्सीन का प्रयोग पोलियो रोग की रोकथाम के लिए शुरू हो जाएगा।
इस दौरान कार्यशाला में फाइलेरिया बीमारी पर भी चर्चा की गई। यहां बताया गया कि फाइलेरिया से जो हाइड्रोशील के रोगी हुए हैं। ऐसे मरीजों का इलाज 20 से 22 नवंबर तक जिला अस्पताल में विशेष रूप से किया जाएगा।
ऐसे मरीजों का ऑपरेशन 20, 21 व 22 नवंबर को जिला अस्पताल में किया जाएगा।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी फाइलेरिया का इलाज मुहैया कराया जाएगा।