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बेनामी संपत्ति पर मोदी सरकार का निशाना, मची हलचल

Fri, 18 Nov 2016 11:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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काले धन के बाद मोदी सरकार अब बेनामी संपत्ति पर शिकंजा कसने की कवायद में है। गोवा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण के दौरान इस मसले पर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे।
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बेनामी संपत्ति पर सरकार की तिरछी निगाह का अहसास होने के बाद जिले में भी हलचल मच गई है। जिसने जाहिर कर दिया है कि यहां भी अरबों-खरबों की बेनामी संपत्ति है।  

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र में बागडोर संभालने के बाद ‘बेनामी लेन-देन (निषेध) संशोधन एक्ट’ पर काम शुरू कर दिया था। जानकारों के अनुसार बेनामी संपत्ति को लेकर 1988 में बने कानून की सरलता से सख्त कार्रवाई संभव नहीं हो पाती थी। मोदी सरकार ने इसमें संशोधन किया है।
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संशोधित एक्ट में फर्जी नाम से खरीदी गई संपत्ति को बेनामी घोषित करने के साथ ही उसे सरकार द्वारा अधिग्रहीत करने, जुर्माना और सजा का प्रावधान है। मोदी सरकार संशोधित बिल लोकसभा में पेश कर चुकी है।

जिस पर चर्चा के बाद यह बिल संसद की स्थाई समिति को सौंप दिया गया है। यह बिल संसद के चालू सत्र में कानून का रूप ले सकता है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने गोवा में अपने भाषण के दौरान इस बिल के पास होने का इशारा किया था। 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में पिछले पांच साल के दौरान 75 हजार बैनामा कराए गए हैं। जिसमें चार हजार कामर्शियल हैं। इससे बेनामी संपत्ति पर सरकार की सख्ती का यहां भी खासा असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। 
 
क्या है बेनामी संपत्ति 
बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव विजय अवस्थी बताते हैं कि वह संपत्ति, जो किसी व्यक्ति ने अपनी रकम से खरीदी, लेकिन उसे अपने नाम न कराकर किसी अन्य व्यक्ति के नाम करा दिया, वह बेनामी संपत्ति की श्रेणी में आएगी। इसके अलावा खरीदी गई संपत्ति के लिए भुगतान की जाने वाली रकम का उचित जरिया न बता पाने और संपत्ति पर नाम होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति के इंकार करने पर भी वह बेनामी संपत्ति करार दी जाएगी।  
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