सीतापुर। योगी सरकार के सोमवार को जारी हुए बजट में सभी को साधने और जोड़ने की कोशिश की गई है। किसानों, नौजवानों, महिलाओं, बच्चों, छात्र-छात्राओं, व्यापारियों से लेकर श्रमिकों तक को खुश करने का प्रयास किया गया है। बजट में राज्य मेले का दर्जा प्राप्त विश्व प्रसिद्ध नैमिषारण्य को नए आयाम मिलने की उम्मीदें बलवती होती दिख रही हैं। सरकार ने बजट में नैमिष के विकास को शामिल किया है। बजट से तीर्थ स्थल में अधूरे पड़े कार्यों को रफ्तार मिलेगी, इससे नैमिष वासियों और संत-महंतों ने खुशी जाहिर की है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को योगी सरकार का पांचवां बजट पेश किया। सरकार के 2021-22 के जारी हुए इस बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने का काम किया गया है। सरकार ने विन्ध्याचल और नैमिषारण्य में स्थल विकास का खाका खींचते हुए 30 करोड़ रुपये का बजट दिया है। इससे नैमिष के विकास को नए आयाम मिलने की उम्मीद यहां के लोगों और साधु-संतों में जगी हैं। इस बजट से नैमिष में जो भी अधूरे कार्य पड़े हैं, उन्हें पूरा करने में आर्थिक मदद मिलेगी।
लोगों में उम्मीद बढ़ी है कि सरकार नैमिष के पर्यटन को बढ़ावा देने और विकास के लिए आगे भी तत्पर रहेगी। बजट में नैमिष को शामिल करने से यहां के लोगों ने खुशी जताई है। हालांकि, यहां के साधु-संतों ने कहा है कि जिस तरह से नैमिष की महत्ता देश-विदेश में है, जो विकास कार्य होने हैं, उस हिसाब से बजट काफी कम है। इसके अलावा वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के बजट में श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को एक-एक हजार रुपये भरण पोषण की दो किस्तें देने का प्रावधान रखा है।
शहरी मजदूर, पट्टेदारों को भी बजट से राहत मिलेगी। निर्धन वर्ग के लिए नए राशन कार्ड बनाए जाएंगे। पट्टे से मिली भूमि, बटाई खेती करने वाले भी मुख्यमंत्री कृषक बीमा दुर्घटना योजना के पात्र होंगे। ग्रामीण अंचलों में महिला दुग्ध उत्पादकों को बढ़ावा देकर रोजगार दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूह को 2020-21 महिला सामर्थ्य के नाम से नई योजना संचालित कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
ये होने हैं काम
नैमिष में कई विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। कई कामों को रफ्तार देने की जरूरत है। जो काम होने हैं, उनमें स्वागत गेट का निर्माण, पांडव किला का सौंदर्यीकरण शामिल है। इसी तरह 84 कोसीय परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं, रुद्रावर्त तीर्थ के विकास का काम होना है। राजघाट रिवर फ्रंट का कायाकल्प होना है। काशी कुंड तीर्थ का विकास व देवदेवेश्वर तीर्थ स्नान घाट के विकास के लिए काम होना है।
53 हजार श्रमिकों को मिलेगा लाभ
सीतापुर। राज्य सरकार ने बजट में श्रमिकों का विशेष ख्याल रखा है। श्रमिकों के भरण पोषण के लिए राज्य सरकार ने दो किस्त में एक-एक हजार रुपये देने का निर्णय लिया है। इसके तहत जिले के करीब 53 हजार श्रमिकों को लाभ मिलेगा। यह लाभ उन्हीं श्रमिकों को मिलेगा, जिनके अंशदान हर बरस बराबर जमा होते रहते हैं।
इस योजना का श्रमिकों ने स्वागत करते हुए सरकार को धन्यवाद दिया है। पंजीकृत श्रमिक अशोक पांडेय का कहना है सरकार की यह योजना निश्चित ही काफी मददगार साबित होगी। इससे आर्थिक बोझ कम पड़ेगा। इस पैसे से अन्य जरूरी काम निपटा सकेंगे।