सीतापुर। कोविड की बूस्टर डोज खपाने में स्वास्थ्य विभाग को पसीना आ रहा है। करीब दो हजार डोज छह दिन बाद एक्सपार्यर्ड हो जाएगी। ऐसे में विभाग इनको किसी तरह खपाना चाहता है। लेकिन लोग लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे है। कोरोना की बूस्टर डोज लगवाने के लिए पहले शहर के एक प्राइवेट केंद्र पर सुविधा थी। यहां पर यह 286 रुपये में लगाई जा रही थी। उसके बाद केंद्र सरकार ने एक बार फिर से लोगों को निशुल्क डोज लगवाने का मौका दिया। इसके लिए जिले को करीब 15 दिन पहले 26,900 डोज मिली थी। इन डोज को जिले की 19 सीएचसी व शहर के चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भेज दिया गया था। प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र को 1300 डोज मिली थी।
कई केंद्रों ने तो बहुत ही बेहतर तरीके से काम किया है। लोगों को जागरूक करके उनको डोज लगवा दी है। इसके बावजूद करीब दो हजार डोज स्वास्थ्य विभाग को रविवार को अभियान चलाने के बावजूद बच गई है। इन डोज की एक्सपारी तिथि नौ फरवरी है। अब महज छह दिन बाद यह डोज खराब हो जाएगी तो विभाग को इनको किसी तरह खपाने की चिंता सता रही है। इन डोज को लगवाने के लिए लोग आगे नहीं आ रहे है।
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22 लाख ने नहीं लगवाई डोज
जिले में करीब 22 लाख ऐसे लोग है जिन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगवाई है। जबकि दूसरी डोज के छह माह बाद बूस्टर डोज लगवाई जा सकती है, लेकिन जिले में तमाम ऐसे लोग हैं जिनको दूसरी डोज लगवाए हुए एक साल से दो साल तक बीत गए है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके सिंह का कहना है बूस्टर डोज कोविड के लिए बहुत कारगार है। इसलिए लोगों से अपील है कि वह अपनी डोज अवश्य लगवा ले।
नजदीकी केंद्र पर जाकर लगवा लें डोज
दो हजार डोज बची है। जिन लोगों ने अभी तक बूस्टर डोज नहीं लगवाई है तो वह अपने नजदीकी केंद्रों पर जाकर इसे लगवा सकते है। उसके बाद निशुल्क लगवाने का मौका नहीं मिलेंगा।
-डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ