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Sitapur News: माया सरकार में स्वामी प्रसाद ने क्यों नहीं बैन कराई रामचरित मानस

Sun, 29 Jan 2023 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सिंधौली। केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास राज्यमंत्री कौशल किशोर ने कहा है कि रामचरित मानस पवित्र ग्रंथ है और असंख्य लोगों की आस्था इसमें है। सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य को अपने बयान के लिए सामाजिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मायावती सरकार में मंत्री रहने के दौरान स्वामी प्रसाद ने रामचरितमानस को क्यों नहीं बैन कराया।
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सिधौली में पत्रकारों के सवाल पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि स्वामी प्रसाद जब तक भाजपा में रहे, उन्होंने कभी रामचरितमानस को लेकर कुछ नहीं कहा। सपा में जाने और चुनाव हारने के बाद शायद इसी के जरिए स्वामी प्रसाद अपना क्षोभ व्यक्त कर रहे हैं। उनका बयान बिना-सिर पैर का है। असंख्य लोगों को स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान से कष्ट पहुंचा है और उनकी भावनाओं को ठेस लगी है। इसलिए तत्काल उन्हें माफी मांगनी चाहिए। बृजभूषण शरण सिंह को लेकर किए गए सवाल पर कौशल किशोर ने कहा कि विवाद की जांच और आरोपों की हकीकत जानने के लिए कमेटी बनाई गई है। बृज भूषण सिंह को व्यक्तिगत रूप से जानता हूं। पता नहीं कैसे उनपर शोषण के आरोप लगा दिए गए। जांच कमेटी सब स्पष्ट कर देगी।

बहुत गड़बड़ की होगी इसलिए नहीं आया कोई.....
सिधौली में पत्रकार वार्ता के साथ ही कौशल किशोर जनता से भी मिल रहे थे। इस बीच कसमंडा ब्लॉक और इसके अंतर्गत आने वाले गांवों की भी कई समस्याएं सामने आईं। इस पर मंत्री ने पूछा कि कसमंडा ब्लॉक जो देख रहे हों वो आएं... लेकिन कोई आया ही नहीं। इस पर मंत्री के तेवर सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि मेरा कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था।
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अगर कसमंडा ब्लॉक से कोई नहीं आ पा रहा था तो इसकी सूचना पहले ही देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि कसमंडा में गड़बड़ बहुत ज्यादा किया होगा। जवाब देने की स्थिति में ब्लॉक संभालने वाले नहीं होंगे। इसलिए ही कोई नहीं आया। कसमंडा के बीडीओ का अतिरिक्त प्रभार डीडीओ हरिश्चंद्र प्रजापति के पास है। उनका कहना है एडीओ (आइएसबी) को भेजा था।
जांच और आश्वासन का झुनझुना थमा गए मंत्री
केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर से स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में समस्याएं बताईं। किसी ने नगर पंचायत सिंधौली में राजमार्ग का काम अधूरा होने की शिकायत की तो किसी ने 15 दिन में गांव की इंटरलॉकिंग सड़क खराब होने की बात कही। मंत्री कौशल किशोर हर किसी को जांच कराने और कार्रवाई कराने का झुनझुना थमाते रहे। सीएचसी में ऑर्थोपेडिक सर्जन न होने, विज्ञान संकाय की पढ़ाई न होने पर भी उन्होंने समस्या दूर कराने का आश्वासन दिया। छुट्टा मवेशियों की समस्या और दो साल में भी गोशाला का निर्माण न हो पाने पर भी उन्होंने केवल दिलासा दी।
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