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बीडीसी सदस्य की जबड़े में गोली मारकर हत्या

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murder - फोटो : SITAPUR
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हरगांव/झरेखापुर (सीतापुर)। हरगांव थाना क्षेत्र में शुक्रवार की रात एक बीडीसी सदस्य की गोली मारकर हत्या कर दी गई। शनिवार की सुबह हरदासपुर गांव के बाहर उसकी लाश व बाइक पड़ी मिली है। उसके जबड़े में गोली मारी गई थी। खबर पाकर पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की है। घटना के पीछे अवैध संबंध होने की बात सामने आ रही है। मृतक के भाई ने चार लोगों को नामजद किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों की तलाश में टीमें रवाना कर दी गई हैं। वारदात की सूचना मिलते ही एसपी ने मौके पर पहुंचकर जांच की और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं।
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हरगांव थाना क्षेत्र के हरदासपुर गांव के बाहर शनिवार की सुबह एक युवक की लाश पड़ी मिली। पड़ोस में ही उसकी बाइक भी पड़ी थी। ग्रामीण सुबह उधर निकले तो घटना की जानकारी हुई। खबर पाकर सीओ सदर, हरगांव, इमलिया सुल्तानपुर, महोली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जांच पड़ताल के बाद शव की पहचान इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के फत्तेपुर मातिनपुर गांव निवासी संतोष सिंह (32) पुत्र ठाकुर प्रसाद सिंह के रूप में हुई है। मृतक बीडीसी सदस्य था। खबर पाकर मृतक के परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। मृतक के भाई अजय पाल सिंह का कहना है कि संतोष सिंह शुक्रवार की दोपहर करीब 11 बजे घर से यह बता कर निकला था कि वह हरगांव इलाके के हरदासपुर गांव निवासी रामस्वरूप की पत्नी को पायल दिलाने जा रहा है। देर शाम होने पर भी वह लौट कर नहीं आया। उसका कहना है कि रात करीब नौ बजे संतोष सिंह उसकी मां ने फोन कर जल्द घर आने को कहा था। तब संतोष सिंह ने जवाब में घर आने की बात कही थी, लेकिन रात को वह घर नहीं पहुंचा।
सुबह उसके परिवार वालों को रामस्वरूप ने फोन से सूचना दी। साथ ही रामस्वरूप के भतीजे ने स्वयं मृतक के गांव जाकर सूचना दी थी। मृतक के भाई ने हत्या के इस मामले में हरदासपुर निवासी रामस्वरूप, हरगांव इलाके के ही मुमताजपुर निवासी जसविंदर सिंह उर्फ बाऊ व मृतक के गांव के ही निवासी छोटे खां, उसके पुत्र मैसर खां को नामजद किया है। पुलिस के मुताबिक घटना के पीछे अवैध संबंध सामने आ रहे हैं। घटना की जांच के लिए एसपी आरपी सिंह मौके पर पहुंचे। एएसपी डॉ. राजीव दीक्षित स्वयं काफी समय क्षेत्र में बने रहे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कीं। क्राइम ब्रांच, सर्विलांस व फोरेंसिक टीम भी पहुंची थीं।
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संतोष सिंह बीडीसी के अलावा झोलाछाप चिकित्सक भी था। सूत्र बताते हैं कि मृतक के परिवार के लोगों ने भले ही तहरीर में इसका जिक्र न किया हो, लेकिन वह हरदासपुर गांव में झोलाछाप चिकित्सा करने जाता था। रामस्वरूप के घर में रुक कर वह लोगों को दवा भी देता था। सूत्र बताते हैं कि मृतक अक्सर रामस्वरूप के घर ठहर भी जाता था। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी सीमा, बेटा अंशू, बेटी पारूल व मुस्कान हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि मृतक संतोष सिंह के पिता ठाकुर प्रसाद सिंह की भी हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या साल 2011 में हुई थी। मृतक के पिता की हत्या के मामले में उसी गांव के छोटे खां आदि नामजद थे। यह लोग हत्या के मामले में जेल भी गए थे। इन लोगों से मृतक के परिवार की पुरानी रंजिश चल रही है। छोटे खां का परिवार अब मृतक के गांव को छोड़ कर कहीं और रहने लगा है।
संतोष सिंह की हत्या के मामले में जसविंदर नामजद है। पुलिस ने उसे पकड़ भी लिया है। सूत्र बताते हैं कि जसविंदर व संतोष के बीच गहरी टशन थी। मृतक समंतोष सिंह का हरदासपुर गांव के जिस घर से गहरा ताल्लुक था। वहीं जसविंदर का भी आना जाना था। किसकी एक महिला व युवती से रिश्तों को लेकर इन दोनों के बीच टशन थी।

murder- फोटो : SITAPUR

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