नगर पालिका की लापरवाही से शहर के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। सफाई न होने से टंकियों में काई जम गई है। कई जगहों से पाइप भी फटी है। ऐसे में शहर की करीब डेढ़ लाख आबादी को पालिका दूषित पानी की सप्लाई कर रही है।
शहर में सात टंकियां और 13 नलकूप है। नगर पालिका का दावा है हर साल टंकियाें की साफ-सफाई कराई जाती है। लेकिन टंकियों की हालत खुद-ब-खुद पालिका के दावों की हकीकत बयां कर रही है।
शहर के टाऊन हाल की टंकी के पिलर पर काई जमा है, जो कई वर्षों से ऐसे ही है। जिस पाइप लाइन के जरिये पानी ऊपर पहुंचाया जा रहा है, उसमें भी कई जगहों पर लीकेज है। गंदगी इतनी है कि पाइप की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं दे रही है।
शहर के कई जगहाें पर छोटी टंकियां बनी हुई है। जिनसे लोग सीधे पानी पीते है। इन टंकियों पर गंदगी की भरमार है। लोगों का कहना सफाई केवल खानापूर्ति के लिए होती है। ऐसे ही हाल शहर की अन्य टंकियों का भी है।
नवीन गल्ला मंडी में पांच लाख लीटर क्षमता वाली नई टंकी बनाई गई है। टंकी बने हुए पांच वर्ष से अधिक का समय हो चुका है लेकिन टंकी शुरू नहीं हो सकी। इस टंकी से जुडे़ विकासनगर, श्रीनगर कॉलोनी, हेमपुरवा, भार्गव कॉलोनी, इस्मालइपुर, खूबपुर आदि मोहल्ले के लोगों ने कनेक्शन लेने में रुचि नहीं दिखाई।या जाता है।