सीतापुर। वंदे भारत के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रोटोकाल के बाद में क्षेत्रीय सांसद को आमंत्रित न करने पर मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने रेल मंत्री को पत्र भेजकर इस विशेषाधिकार हनन का मामला बताते हुए संबंधित रेलवे अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पत्र में बताया कि जिस दिन जिले में ट्रेन का संचालन शुरू हुआ, रेलवे विभाग की तरफ से आयोजित कार्यक्रम में उन्हें नहीं बुलाया गया। मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने नियम 377 के तहत सदन के माध्यम से रेल मंत्री को भेजे पत्र में बताया कि आठ नवंबर को प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का वर्चुअल शुभारंभ किया था। वंदे भारत ट्रेन संख्या 22545 व 46 का संचालन लखनऊ व सहारनपुर के बीच हुआ। उनके संसदीय जिले सीतापुर में ट्रेन का ठहराव भी हुआ। इस अवसर पर रेलवे स्टेशन पर एक सरकारी कार्यक्रम का आयोजन भी हुआ लेकिन इसका कोई निमंत्रण या पूर्व सूचना सांसद को नहीं दी गई।
सांसद ने बताया कि नैमिषारण्य उनके संसदीय क्षेत्र का प्रसिद्ध तीर्थ है। वहां आने जाने के लिए भी लोग सीतापुर रेलवे स्टेशन पर आते हैं। ऐसे में प्रोटोकाल के तहत किसी भी नई ट्रेन के उद्घाटन पर सांसद को अनिवार्य रूप से निमंत्रित करना चाहिए था। रेलवे विभाग ने इसकी अवहेलना करते हुए सांसद के विशेषाधिकार का हनन किया है। सांसद ने पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के महाप्रबंधक, डीआरएम लखनऊ, एडीआरएम व कार्यक्रम के अन्य जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।