सीतापुर। बहराइच में शुक्रवार को हुए सड़क हादसे में थानगांव के रंडाकोंडर ग्रामपंचायत के खरपत्तूपुरवा गांव निवासी नारायण (55) व मंगरू (35) की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवार को हुई तो दोनों परिवारों में मातम पसर गया। दोनों पड़ोसी थे। इसके चलते ग्रामीण उनके घर परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंच गए। हालांकि घर के अन्य पुरुष घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।
खरपत्तुपुरवा निवासी नारायण और मंगरू दोनों पड़ोसी थे। शुक्रवार को दोनों एक ही बाइक से थानगांव इलाके से चहलारी घाट होते हुए भगवानपुर की ओर बहराइच में अपनी रिश्तेदारी में जा रहे थे। चहलारी पुल पार करने के बाद बहराइच इलाके में रमुआखुर्द के पास उनकी बाइक एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गई।
हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि बाइक के परखचे उड़ गए। हादसे के बाद कार चालक वाहन समेत भाग गया। वहीं, पुलिस ने परिजनों को हादसे की जानकारी दी। मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची तो परिजन रो पड़े।
-
नदी की चपेट में आकर कट गए खेत
ग्रामीणों ने बताया कि दोनों मृतकों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। दोनों के पास छह बीघा जमीन थी। यह खेती योग्य जमीन बाढ़ के दौरान नदी में समा गई। दोनों इधर-उधर मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। कमाने के उद्देश्य से भी वह कई बार बहराइच जा चुके हैं।
-
हादसों में हो रहा है इजाफा, ग्रामीणों में रोष
चहलारी घाट से रोजाना सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। बहराइच-सीतापुर मार्ग होने के कारण यहां यातायात का दबाव भी अधिक रहता है। क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए यहां पुलिस चौकी स्थापित की गई है। इसके बावजूद आए दिन यहां हादसे होते रहते हैं। तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग और घुमावदार सड़क के कारण यह क्षेत्र ब्लैक स्पॉट जैसा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी होने के बावजूद वाहनों की गति पर नियंत्रण नहीं है। न ही बैरिकेडिंग या स्पीडब्रेकर जैसी कोई व्यवस्था की गई है। रात के समय यहां प्रकाश की भी उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में सुरक्षा उपाय न होना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। ग्रामीणों ने मृतकों के परिजनों को शासन से उचित आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।