पौराणिक तीर्थ स्थल नैमिषारण्य में मां ललिता देवी मंदिर में सोमवार को दो पक्षों में विवाद हो गया। इसके बाद प्रबंधन ने मंदिर का प्रवेश द्वार बंद कर दिया। इससे श्रद्धालु बिना दर्शन के लौट गए। खबर पाते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया। उसने मामले को शांत कराकर प्रवेश द्वार खुलवा दिया।
मंदिर प्रबंधन ने कुछ लोगों के खिलाफ मिश्रिख कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। नैमिषारण्य स्थित मां ललिता देवी मंदिर में आए-दिन हजारों कि संख्या में भक्तों का दर्शन पूजन के लिए आना-जाना लगा रहता है।
नियमत: दोपहर बारह बजे से साढ़े बारह बजे तक मंदिर के पट माता के विश्राम के लिए बंद होते है। दर्शन के लिए मंदिर के पट सोमवार दोपहर बाद खोले गए तो मंदिर के प्रबंधक गोविंद द्विवेदी व सहयोगी आचार्यों का दुकानदारों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
विवाद बढ़ता देख मंदिर प्रबंधन ने मुख्य भवन के द्वार पर ताला लगा दिया। घटना की जानकारी तत्काल डीएम व मंदिर रिसीवर जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या आठ को दी गई।
अफसरों को सूचना देने के बाद मंदिर प्रबंधन के जिम्मेदार मिश्रिख कोतवाली पहुंचे, जहां मुन्नालाल, चुन्ना लाल, दीपू व उत्तम सैनी के शिकायत देकर मंदिर वापस आए। इसी बीच घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम मिश्रिख मनोज पांडेय, कोतवाल आरके गुप्ता पुलिस बल के साथ मंदिर पहुंचे।
यहां मंदिर प्रबंधक व आचार्यों को समझाकर शांत किया और दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रशासनिक अफसरों ने मंदिर के बंद कपाटों को खुलवा दिया, जिसके बाद सामान्य रूप से दर्शन पूजन आरंभ हो गया।
मंदिर प्रबंधन से वहां के लोगों के बीच हुए विवाद का मामला संज्ञान में आते ही प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया। एसडीएम मिश्रिख व कोतवाल फौरन दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर प्रबंधन से मुलाकात की। इस दौरान एसडीएम ने मंदिर के जिम्मेदारों को समझाकर शांत किया।