सकरन (सीतापुर)। विकासखंड के पांच गांवों में बुखार का प्रकोप फैल गया है। गांव में 50 से अधिक लोग बीमार हैं। लेकिन अभी तक टीम गांव नहीं पहुंची है। इससे ग्रामीण झोलाछाप से इलाज करवाने को मजबूर हो रहे हैं।
उमराकलां, प्यारापुर दुगाना आदि गांवों में करीब 50 लोग बुखार, सिरदर्द जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। नफीस (18), राकेश (45), असर्फी (42), श्याम (48), काजल (19), अमरीश (32), केशव (42), सोनम (16), रामकली (45), राधा देवी (30), पूनम देवी (32), अनूप कुमार (26), शिवा यादव (5), श्रद्धा (8) मुकेश (20) आदि अपना इलाज क्षेत्र के झोलाछाप से करा रहे हैं।
सकरन स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टरों की कमी के चलते बीमार अपना इलाज प्राइवेट डॉक्टरों या फिर झोलाछाप से करा रहे हैं। उधर गांवों में कीटनाशक का छिड़काव न होने के कारण मच्छरों की भरमार है। इस वजह से बीमारियां पनप रही हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनिल सचान ने बताया कि सूचना पर गांवों में टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराया जाता है।
फर्जी क्लीनिकों की भरमार
क्षेत्र में फर्जी क्लीनिक, पैथोलॉजी व बगैर लाइसेंस मेडिकल स्टोर संचालित हो रहे हैं। क्षेत्र के सकरन, गोडियनपुरवा सांडा आदि में तमाम पैथोलॉजी व करीब 100 झोलाछाप अपनी दुकानें खोल कर बैठे हैं। जांच के नाम पर इन डॉक्टरों को 50 प्रतिशत कमीशन पैथोलॉजी संचालक देते हैं। जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।