सीतापुर। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर अनंतिम रूप से बने परीक्षा केंद्रों पर 50 से अधिक कॉलेजों ने आपत्ति जताई है। इन कॉलेजों का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित केंद्रों में घोर अनियमितता की गई है। इसकी वजह से कहीं मानक से अधिक दूरी कर दी गई है तो कहीं सुविधाओं से पूर्ण विद्यालय को केंद्र ही नहीं बनाया गया है। इन आपत्तियों को अब माध्यमिक शिक्षा विभाग अध्ययन करेगा। उसके बाद जिला स्तरीय चयन समिति इन शिकायतों का निस्तारण करेगी।
यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर शासन ने 153 अनंतिम रूप से परीक्षा केंद्र निर्धारित कर दिए है। लेकिन केंद्र निर्धारण में तमाम खामियां उजागर हुई है। इस पर कॉलेजों को 30 जनवरी तक आपत्ति करने का मौका दिया गया था। कॉलेजों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इन आपत्तियों में अधिकांश कॉलेजों ने कहा, मानक से अधिक दूरी केंद्रों की कर दी गई है। जबकि बालकों का अधिकतम सेंटर 15 किलोमीटर व बालिकाओं का आठ किलोमीटर के अंदर होना चाहिए। लेकिन कई कॉलेजों में यह मानक पूरा ही नहीं किया गया है।
इसके अलावा कई कॉलेजों ने कहा, हमारे कॉलेज में सीसीटीवी कैमरा सहित केंद्र बनाने के सभी मानक पूर्ण है। फिर भी केंद्र नहीं बनाया गया है। जबकि कम सुविधा वाले स्कूल को केंद्र बना दिया गया है। इसी प्रकार कई कॉलेजों ने आपत्ति जताते हुए कहा धारण क्षमता 500 विद्यार्थियों की है, लेकिन इस बार करीब 800 विद्यार्थी भेज दिए गए है। इतने अधिक विद्यार्थी एक साथ भेजने से परीक्षा की तैयारियां प्रभावित होगी। इसलिए छात्र संख्या में कमी की जाए। अब माध्यमिक शिक्षा विभाग इन आपत्तियों का अध्ययन करके नौ फरवरी तक दूर करेगा। आपत्तियां निस्तारित होने के बाद इनको शासन को भेज दिया जाएगा। जहां से अंतिम रूप से परीक्षा केंद्रों पर मुहर लगेगी।
इस साल बढ़े 16 सेंटर
पिछले बरस की तुलना में इस बार 16 सेंटर अधिक बनाए गए हैं। पिछले बरस 137 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन इस बार कोरोना प्रोटोकाल को देखते हुए 16 सेंटरों में इजाफा कर दिया गया है। इस बार 153 केंद्रों पर परीक्षा कराई जाएगी। लेकिन अभी सेंटरों की संख्या घट बढ़ सकती है। इस बार प्रत्येक विद्यार्थी छह फिट की दूरी का पालन करते हुए परीक्षा देगा।
आपत्तियों का होगा निस्तारण
परीक्षा केंद्रों को लेकर आपत्तियां आ रही हैं। इन आपत्तियों को जिला स्तरीय चयन समिति परीक्षण करके निस्तारण करेगी। सभी मानक के अनुसार ही केंद्र बनेंगे।
- देवी सहाय तिवारी, डीआईओएस