सीतापुर। जिले में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली करीब पांच हजार महिलाओं की विशेष देखभाल शुरू कर दी गई है। सीएचसी पर बने मातृ सुरक्षा केंद्र के जरिये इनकी मॉनिटरिंग की जा रही है। रोजाना चिकित्सक कॉल करके इनको दी गई दवाओं व समस्याओं के बारे में पूछताछ करके इलाज दे रहे हैं। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने अपने पहले सीएचसी के भ्रमण के दौरान यहां पर मातृ सुरक्षा केंद्र बनाए जाने के निर्देश दिए थे। इस पर जिले की 22 सीएचसी पर यह केंद्र बना दिए गए हैं।
प्रत्येक केंद्र का एक मोबाइल नंबर सार्वजनिक किया गया है। यह 24 घंटे क्रियाशील रहता है। यहां पर एक चिकित्सक व अन्य स्टॉफ की तैनाती की गई है। हीमोग्लोबिन सात से कम वाली महिलाओं को हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में रखा गया है। गर्भधारण के बाद लगातार इनकी मॉनिटरिंग हो रही है। इसमें महिलाओं से स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत, टीकाकरण, जांच व खानपान की जानकारी ली जा रही है। अगर उन्हें कोई दिक्कत होती है तो सीएचसी से एंबुलेंस भेजकर उनको बुलाया जाता है। साथ ही सुरक्षित प्रसव कराने की जिम्मेदारी निर्वहन की जा रही है।
बना दिए गए हैं केंद्र
जिले की सभी सीएचसी पर मातृ सुरक्षा केंद्र बना दिए गए हैं। इनके जरिये गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा रही हैं।
डॉ. सुरेश कुमार, सीएमओ