चक्रतीर्थ को संवारने में जुटा प्रशासन।
- फोटो : अमर उजाला
तीर्थ नगरी नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ का सुंदरीकरण का काम शुरू हो गया। यहां पर वाराणसी की तर्ज पर अष्टकोणीय महाआरती की जाएगी। आरती आरंभ होने से पहले चक्रतीर्थ का कायाकल्प किया जाना है। डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर तीर्थ में काम प्रारंभ कर दिया गया है।
चक्रतीर्थ के जल को शुद्ध रखने के लिए आधुनिक प्लांट लगाया जाना है। जिससे पानी बड़े पैमाने पर फिल्टर होता रहेगा। जल निगम के परियोजना निदेशक वीके बाजपेयी ने बताया कि चक्रतीर्थ के सौंदर्यीकरण के लिए शासन की तरफ से विभिन्न योजनाओं के तहत काम कराए जाएंगे। जिसमें चक्रतीर्थ के बीच की दीवार को ग्रेनाइट से कवर किया जाएगा।
साथ ही चक्रतीर्थ के जलनिकासी के लिए पुराने नाले की सफाई कर उसे व्यवस्थित कराया जाएगा। चक्रतीर्थ प्रांगण के बाहर से नाले के जलनिकासी के लिए नए नाले का निर्माण कराया जा रहा है । उन्होंने बताया कि तीन महीने के अंदर काम पूरा करा लिया जाएगा। मालूम हो कि पहली सितंबर को अमावस्या पर्व के बाद से ही चक्र तीर्थ में सफाई का काम चल रहा है।
आ रही हैं दिक्कतें
तीर्थ में सफाई के चलते पानी नहीं है। ऐसे में आने वाले श्रद्धालुओं को चक्रतीर्थ में स्नान का मौका नही मिल सकेगा। वहीं 16 सितंबर से पितृपक्ष, पितृर्विसर्जनी अमावस्या तक चलेंगे। जिसमें पितृ तर्पण व पूजन के लिए चक्रतीर्थ के जल का विशेष महत्व होता है।
तर्पण की क्रिया में तर्पण करने वाले श्रद्धालु को तीर्थ के जल में खड़े होकर ही तर्पण करते है, ऐसी स्थिति में यदि 16 सितंबर तक चक्र तीर्थ में जल की व्यवस्था नहीं होती है। तब यहां विभिन्न प्रदेशों के अलावा पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।