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पारा तीन डिग्री, ठंड से एक की मौत

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कोहरे में डूबा शहर। - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। लगातार गिरते पारे ने लोगों की कंपकंपी छुड़ा दी है। शनिवार को न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। ऐसे में शनिवार इस साल का अब तक का सबसे ठंडे दिन के रूप में रिकॉर्ड किया गया। पारा के तीन डिग्री पर लुढ़कने का असर रहा कि ठंड से एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया।
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दिन में शीतलहर और रात को बर्फीली हवा ने आम जनमानस को बेहाल कर दिया है। अभी मौसम विभाग ने शीतलहर का प्रकोप बरकरार रहने की आशंका जताई है। कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी रही। दिन में भी वाहनों की लाइट जलानी पड़ी।
शनिवार को कोहरे के साथ बदली छाने और बर्फीली हवा चलने से हर कोई कांप उठा। ठंड से बिसवां कोतवाली क्षेत्र में शनिवार शाम धामीसरांय गांव निवासी महेश (50) पुत्र गोकरन की मौत हो गई। वह ठेलिया चलाता था। शनिवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे किराना का सामान लेकर ठेलिया से जा रहा था।
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जब वह बिसवां इलाके में भोलागंज चौराहे पर पहुंचा, तभी अचानक उसकी मौत हो गई। जानकारी पर पुलिस व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। तहसीलदार राजकुमार गुप्ता का कहना है कि महेश पर्याप्त कपड़े पहने था। प्रथम दृष्टया नहीं लगता कि उसकी ठंड से मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट हो जाएगा। कोतवाली प्रभारी ओपी तिवारी का कहना है कि जानकारी होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
वहीं, गलन भरी सर्दी से बेहाल लोग घरों से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। गर्माहट पाने के लिए कोई अलाव तो कोई हीटर के पास बैठा रहा।
सड़कों पर वाहनों की आवाजाही सामान्य दिनों के मुकाबले कम रही। बदली व धुंध के कारण दृश्यता इतनी घट गई कि सड़क पर चल रहे वाहनों में दिन में लाइटें जलानी पड़ी। शहर की बाजार पर भी ठंड का असर दिखा। बाजार में भीड़ भाड़ बेहद कम रही।
सरकारी दफ्तर खुले लेकिन वहां भी अधिकारी और कर्मचारी अलाव तापते नजर आए। अधिकतम पारे में तीन व न्यूनतम तापमान में दो डिग्री की गिरावट से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित नजर आया। रोडवेज बस स्टॉप और रेलवे स्टेशन भी चहल-पहल गायब रही। इक्का-दुक्का यात्री ही नजर आ रहे थे।
शाम पांच बजे से गलन और बढ़ने लगी। कामकाज निपटाकर लोग घरों में जा दुबके। शाम आठ बजे शहर की सड़कें वीरान हो गई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 11 डिग्री और न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस सीजन में अब तक का यह सबसे कम तापमान है। सर्दी का सितम अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह बने रहने की संभावना है।
कुछ इस तरह लुढ़का पारा
तारीख (दिसंबर) अधिकतम न्यूनतम
24 17 07
25 16 06
26 15 05
27 14 05
28 11 03
फसलों में नमी बनाए रखें किसान
लगातार गिरते तापमान का असर फसलों पर भी पड़ सकता है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह ने बताया कि फिलहाल गेहूं की फसल पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। तापमान घटने से टमाटर, आलू व केला की फसलों को नुकसान हो सकता है।
टमाटर व आलू में झुलसा रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है। इन फसलों को झुलसा रोग से बचाने के लिए किसान खेत में नमी बनाए रखें। उन्होंने बताया केले की फसल पर कार्बडांजिन के घोल का छिड़काव करें। अरहर के पौधों से तापमान कम होने पर फूल झड़ने लगता है। फिर तापमान बढ़ने पर दोबारा फूल आते हैं।
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