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सेना की जमीन पर विकसित होगी औषधि वाटिका

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सीतापुर। शहर से सटी सैन्य भूमि पर वृहद पौधरोपण के साथ ही औषधि वाटिका विकसित की जाएगी। इसके लिए सिखलाई रेजीमेंट की 12 हेक्टेयर जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। सेना से अनुमति मिलने के बाद वन विभाग ने जमीन का सर्वे कर लिया है। प्लान तैयार करके पौधरोपण की तैयारी शुरू हो गई है।
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वन विभाग ने शहर के इर्द-गिर्द सैन्य भूमि पर बड़ी तादाद में हरियाली बिखेरने की योजना बनाई है। सिखलाई और महार रेजीमेंट की 39 हेक्टेयर जमीन पर पौधरोपण किया जाएगा। इसमें सिखलाई रेजीमेंट की 12 हेक्टेयर जमीन पर औषधि वाटिका विकसित की जाएगी। इस वाटिका की स्थापना का प्लान प्रदेश के वन मंत्री दारा सिंह चौहान के आदेश के बाद तैयार किया गया है। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि मंगलवार को मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग की थी।
इसमें उन्होंने प्रदेश के समस्त जनपदों में एक-एक औषधि वाटिका की स्थापना करने का आदेश दिया था। शहर में घनी आबादी होती है और औषधीय पेड़ों की कमी रहती है। ऐेसे में शहर से सटी सैन्य भूमि पर औषधि वाटिका विकसित करने का प्लान तैयार किया गया है। इसके लिए सेना की अनुमति ले ली गई है। वाटिका में हरर, बहेड़ा, आंवला, नीम, विजय साल, अर्जुन, बेल आदि का पौधरोपण किया जाएगा। पौधों को नुकसान से बचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। (संवाद)
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गिलोय की बेल भी लगाई जाएगी
कुछ समय बाद शहर के बाशिंदों को गिलोय की तलाश करने गांव नहीं जाना पड़ेगा। औषधि वाटिका में नीम के पेड़ बड़े होने पर वन विभाग उन पर गिलोय को फैलाने का इंतजाम करेगा। डीएफओ रुस्तम परवेज ने बताया कि कोरोना काल में तमाम लोग गिलोय की तलाश में इधर-उधर भटकते दिखते थे। कई लोगों ने तो उनसे भी नीम पर की गिलोय की मांग की थी। ऐसे में उन्होंने औषधि वाटिका में गिलोय की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने का इंतजाम किया है।
जुलाई के पहले सप्ताह से होगा पौधरोपण
इस बार जिले में 62 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। अगले माह के पहले सप्ताह से अभियान शुरू होगा। डीएफओ ने बताया कि वन विभाग ने चयनित ज्यादातर स्थानों पर पौधरोपण के गड्ढे खोदकर खाद डलवा दी है। बाकी विभागों से भी तैयारियों की रिपोर्ट ली जा रही है। बता दें, पिछले सप्ताह डीएम विशाल भारद्वाज ने भी पौधरोपण को लेकर समीक्षा बैठक की थी। इसमें कई विभागों के अधिकारी पौधरोपण स्थल की जानकारी नहीं दे पाए थे। अधीनस्थों की इस लापरवाही पर डीएम ने नाराजगी भी जताई थी।
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