राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की जिला सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में बदहाल स्वास्थ्य सेवा का मुद्दा छाया रहा। इसमें खासकर पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चर्चा का विषय बना रहा।
सवाल ऐसे थे, जिनका जवाब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को देते नहीं बन रहा था। जनप्रतिनिधि स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को बता रहे थे, वहीं जवाबदेह अधिकारी बगलें झांकते नजर आ रहे थे।
सांसद राजेश वर्मा, सांसद रेखा वर्मा के प्रतिनिधि अचिन मेहरोत्रा व जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार में सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई। इस दौरान विधायक अनूप गुप्ता व पिसावां ब्लॉक प्रमुख रामकिंकर पांडेय ने बताया कि पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर रात को चिकित्सक ही नहीं मिलते हैं।
वहीं दिन का हाल भी बुरा रहता है। मामूली चोट व मर्ज का इलाज कराने के लिए क्षेत्र के लोगों को जिला अस्पताल आना पड़ता है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी निरुत्तर दिखाई दिए। जवाब में इतना ही कह पाए कि वहां के स्वास्थ्य अधीक्षक को हटा दिया गया है, उनके स्थान पर दूसरे चिकित्सक को तैनात किया गया है।
जिनको तैनात किया गया है, वो छुट्टी पर चले गए हैं। महोली के चेयरमैन दिनेश गुप्ता टीटू ने बताया कि जिले में मेडिकल स्टोरों पर नकली दवाएं बिक रही हैं। यही नहीं मेडिकल स्टोर के संचालक दवाओं का मनमाना रुपये भी वसूलते हैं। टीटू ने मेडिकल स्टारों की जांच की मांग की।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के सवालों पर निरुत्तर देख, डीएम ने नाराजगी जताई। डीएम ने सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह को कड़े लहजों में कहा कि एक सप्ताह के अंदर व्यवस्था दुरुस्त हो जाए तो बेहतर रहेगा। वर्ना लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रर्वाई की जाएगी।
पिसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज न होने की बात को लेकर भी डीएम काफी नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी व डॉक्टर अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, वर्ना उनकेे खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।