सीतापुर। पुनरीक्षित महायोजना 2031 का खाका तैयार हो गया है। इसमें शहर को हरा-भरा बनाने के साथ ही नदियों के किनारे और हाईटेंशन (एचटी) लाइन के नीचे की जमीन को हरित पट्टी के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव किया गया है। इस जमीन पर किसी भी तरह का कोई निर्माण कार्य नहीं हो सकेगा। इससे शहर के मध्य से गुजरी सरायन नदी को भी जीवनदान मिलेगा। पुनरीक्षित महायोजना को स्वीकृति के लिए शासन के पास भेजा गया है।
अमृत योजना के तहत महायोजना 2031 के प्रारूप को 15 जुलाई 2022 को जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में आपत्ति व सुझाव के लिए प्रदर्शित किया गया था। इस पर 14 अगस्त तक सुझाव और आपत्तियां प्राप्त हुई थी। इसके बाद समिति की ओर से सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया। लंबे इंतजार के बाद आपत्तियों का निस्तारण कर तैयार की गई पुनरीक्षित महायोजना को तैयार किया गया है। महायोजना समिति के जिला स्तरीय सदस्यों के हस्ताक्षर बाद इसे मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक के पास भेजा गया है। शासन की सहमति मिलने के बाद लागू किया जाएगा।
लोगों के घर बनाने का सपना होगा पूरा
महायोजना-2031 में कांशीराम कालोनी के सामने नेशनल हाइवे से सटे भवनीपुर विलियम साहब के एक बड़े भू-भाग को आवासीय उपयोग में लाया जाएगा। इसके साथ ही खैराबाद चुंगी से मछरेहटा जाने वाले मार्ग के दोनों ओर ललियापुर गांव की जमीनों का भी भी आवासीय उपयोग होगा। यहां शांतिनगर नाम से नई काॅलोनी विकसित हो रही है। इन दोनों क्षेत्रों में महायोजना जारी होने के बाद आवास बनाना आसान हो जाएगा। संबंधित क्षेत्र के आवासीय मानचित्र विनियमित क्षेत्र से स्वीकृत होने लगेंगे।
विनियमित क्षेत्र में आते हैं 56 गांव
नगर पालिका सीतापुर और खैराबाद संग तहसील सदर के 56 राजस्व गांव विनियमित क्षेत्र में आते हैं। इन्हे समाहित करते हुए महायेाजना तैयार की गई है। महायोजना बाग, कृषि, उद्योग, कार्यालय, पार्क, प्रदर्शनी, मेला एवं रैली स्थल, हरित पट्टी आदि के लिए जमीनों को आरक्षित किया गया है।
पुनरीक्षित सीतापुर महायोजना- 2031 तैयार हो गई है। इस पर नियंत्रक प्राधिकारी के साथ समिति सदस्यों के हस्ताक्षर हो गए हैं। इसे मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति के बाद इसे जारी किया जाएगा।
एमके मिश्रा, अवर अभियंता, विनियिमित क्षेत्र