सीतापुर। सरयू का जलस्तर सोमवार को 118.80 मीटर पर स्थिर रहा। इसके बाद भी तटवर्ती कई गांवों के संपर्क मार्ग व सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हैं। करीब 15 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। शारदा नदी का जलस्तर 30 सेंटीमीटर बढ़कर 135.40 मीटर पर पहुंच गया। खतरे के निशान 135.49 मीटर से पानी सिर्फ नौ सेंटीमीटर नीचे है। तटवर्ती गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा गहराता जा रहा है। तीनों बैराजों से सोमवार को 5.33 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह पानी जिले में पहुंचने पर बाढ़ के हालात गंभीर कर सकता है।
रामपुर मथुरा में सरयू में उफान से नगेश्वरपुरवा, छोटेपुरवा, प्यारेपुरवा, बाबाकुटी, बुचऊपुरवा समेत कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ रहा है। अखरी, निरंजनपुरवा, नयापुरवा, मिश्रणपुरवा, सोतीपुरवा, बंगालीघाट व कनरखी समेत करीब 15 गांवों के आसपास बाढ़ का पानी भर गया है। वहीं, चौका नदी का पानी चंदौली चाट से बांसुरा घाट, चांदपुर-लोधौनी-रायपुर जाने वाले मार्ग, बांसुरा से भगौतीपुर मार्ग, गौरा से काशीराम पुरवा जाने वाले मार्ग पर बह रहा है।
काशीरामपुरवा को जाने वाले मार्ग पर बने रपटा पुल पर भी करीब दो फीट से अधिक पानी भरा है। चौका नदी की बाढ़ से क्षेत्र के करीब 35 गांवों के हजारों किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। करीब एक हजार बीघे से अधिक फसलें जलमग्न हैं। लहरपुर में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से भदफर, रतनगंज, खानामरोड समेत तटवर्ती कई गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से जिन गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है, वहां आवागमन के लिए नावों की पर्याप्त व्यवस्था करा दी गई है। प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद में जुटा है।