सीतापुर। कोतवाली देहात इलाके में मंगलवार रात हुई लूट के मामले में पुलिस सिर्फ जांच पर अटकी है। पुलिस के हाथ में अब तक कोई अहम साक्ष्य नहीं लगा है, जिससे घटना का खुलासा हो सके। टीमों ने घटनास्थल पर जाने वाले मार्ग पर लगे करीब 50 से अधिक सीसीटीवी खंगाले हैं। इनमें कुछ संदिग्ध भी कैद हुए हैं, लेकिन वह घटना से जुड़े हैं या नहीं इसका पता लगा पाना फिलहाल मुश्किल है।
कोतवाली देहात के टेडवा चिलौला निवासी सोनू जायसवाल धनीपुर गांव स्थित कंपोजिट शराब की दुकान पर सेल्समैन हैं। मंगलवार देर रात वह दुकान बंद करके अपने घर वापस आ रहे थे। तभी मलुही सरैंया गांव में भाजपा कार्यालय के सामने बने ओवरब्रिज पर दो बाइकों पर सवार चार बदमाशों ने उनको दौड़ाकर रोक लिया।
बदमाशों ने उनको डंडे से पीटने के बाद डिकी में रखी नकदी लूट ली थी। पीड़ित ने मौखिक रूप से दो लाख रुपये की नकदी लूटे जाने की बात कही। हाथ में चोट भी लगी है। खुलासे के लिए थाना, एसओजी की अलग-अलग टीमें लगी हैं।
खैराबाद टोल से लेकर नैपालापुर चौराहे के आगे तक कैमरों की फुटेज को कई बार देखा गया है। दुकान पर काम करने वाले दूसरे सेल्समैन के साथ ही कई संदिग्धों से भी पूछताछ की गई है। फिर भी कोई हल निकलकर सामने नहीं आ रहा है।
गैर जिला व प्रांत के बदमाशों का पूर्व की घटनाओं में रहा है हाथ : जिले में पहले भी कई ऐसी लूट की घटनाएं हुई हैं, जिनमें व्यापारियों को निशाना बनाया गया। जब इन घटनाओं का खुलासा हुआ तो यह निकलकर आया कि बदमाश गैर जिले या गैर प्रांत के हैं।
वर्ष 2022 के जुलाई माह में कजियारा निवासी प्याज व्यापारी मोइन के साथ सवा लाख की लूट हुई थी। खींचतान के चक्कर में व्यापारी गिरकर चोटिल हो गए थे। उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के खुलासे में लखनऊ, उन्नाव, हरदोई के भी तीन युवक गिरफ्तार हुए थे।
वर्ष 2023 के सितंबर माह में हेमपुरवा निवासी एक आढ़ती विनोद से साढ़े नौ लाख रुपये की लूट हुई थी। प्रयागराज पुलिस घटना का खुलासा करने में सफल रही थी। क्योंकि वह बदमाश वहां भी लूट करके आए थे। इस घटना में बिहार के युवक भी गिरफ्तार किए गए थे।