दान-पुण्य का पर्व मकर संक्रांति शुक्रवार को मनाया जाएगा। इसे लेकर लोग गुरुवार से ही तैयारियों में जुटे रहे। बाजारों में भी खासी गहमागहमी रही। शुभ मुहूर्त जानने के लिए लोग ब्राह्मण व ज्योतिषाचार्यों से मशविरा करते नजर आए।
इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन लोग खिचड़ी व तिल के लड्डुओं का दान करते हैं और इसके बाद खिचड़ी खाते हैं। वहीं गोमती नदी के अलावा नैमिष के चक्रतीर्थ में भी स्नान कर लोग दान-पुण्य करते हैं।
मकर संक्रांति पर्व को लेकर नैमिष में काफी भीड़ रहती है। यहां चक्रतीर्थ में लोग स्नान के बाद दान करते हैं। बहुत से लोग गंगा के संगम में स्नान के लिए गुरुवार को ही इलाहाबाद के लिए चले गए।
14 जनवरी से ही इलाहाबाद में हर साल माघ मेले की शुरुआत होती है। मकर संक्रांति पर तिल के मिष्ठान आदि को ब्राह्मणों व पूज्य व्यक्तियों को दान दिया जाता है।
यहां पर यह पर्व खिचड़ी के नाम से जाना जाता है। श्रद्धालु नैमिषारण्य में चक्रतीर्थ व गोमती नदी में स्नान पूजन करने के बाद संत व महंतों को दान कर भोजन करते हैं। मान्य को खिचड़ी का भोज देने के बाद दान व दक्षिणा भी दी जाती है।