सीतापुर। चैत्र नवरात्र दो अप्रैल से शुरू हो रहे हैं। पूरे नौ दिन नवरात्र रहेंगे। इस बार मां दुर्गा घोड़े पर सवार होकर आएंगी और भैंस पर सवार होकर जाएंगी। पंडितों का कहना है कि मां दुर्गा का आगमन व प्रस्थान दोनों इस बार शुभ नहीं है। देश में युद्ध जैसे हालात बने रहेंगे।
आचार्य सचिन शास्त्री का कहना है कि माता का आगमन घोड़े पर होने जा रहा है। इसे देवीभगवत पुराण में सत्ता, जनता और राष्ट्र के लिए बहुत अच्छा नहीं माना जाता है। पुराणों के अनुसार जब नवरात्र का आरंभ शनिवार व मंगलवार को होता है, इस दिन देवी का वाहन घोड़ा यानी अश्व होता है। इसी तरह जिस दिन नवरात्र समाप्त होता है, उस दिन के अनुसार देवी के अलग-अलग वाहन हैं।
रविवार व सोमवार को नवरात्र समाप्त होने पर देवी भैंस पर सवार होकर जाती हैं। भैंस पर देवी की वापसी को अशुभ माना गया है। इस बार ऐसा संयोग बन रहा है कि माता घोड़े पर सवार होकर आएंगी और भैंस पर जाएंगी। ये दोनों ही प्रतिकूल फलदायी है। इसका प्रभाव यह रहेगा कि इस साल शासन सत्ता को विरोध का सामना करना पड़ेगा। मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। प्राकृतिक आपदा और रोग से जन धन की हानि हो सकती है। ऐसे में अपने जीवन में सुख शांति बनाए रखने के लिए नवरात्र में देवी की श्रद्धा भाव से उपासना करें।
नवरात्र को लेकर बाजारों में शुरू हुई तैयारी
नवरात्र को लेकर बाजार में रौनक दिखाई देने लगी है। लालबाग बाजार में पूजन सामग्री की दुकानें सज गई हैं। दो अप्रैल से शुरू हो रहे नवरात्र को लेकर व्यापारी सामान जुटाने में जुटे हुए है। व्यापारियों का कहना है कि गुरुवार से पूजन सामग्री की बिक्री शुरू हो जाएगी। इस समय सामान्य दिनों की ही तरह बिक्री हो रही है। कोई चुनरी से अपनी दुकान सजा रहा है तो कोई विभिन्न प्रकार के मालाओं को दुकान के बाहर लगाकर दुुकान की रौनक बढ़ाने में प्रयास कर रहा है।
इन मंदिरों में उमड़ते हैं भक्त
शहर के आलमनगर स्थित दुर्गा मंदिर, आंख अस्पताल रोड स्थित संतोषी माता मंदिर, डालडा मिल के निकट माता काली मंदिर, नैमिषारण्य के मां ललिता देवी मंदिर, महमूदाबाद का संकटा देवी मंदिर सहित जिले के अन्य मंदिरों में भक्तों की अपार श्रद्धा दिखाई देती है। यहां पर नवरात्र के समय श्रद्धालु माता के भजनों पर झूमते हुए नजर आते है।