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लॉकडाउन का होगा पालन, घरों में मनाएंगे ईद

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सीतापुर। कोरोना वायरस के कारण एक महीने रोजा रखने के बाद आई ईद बेमजा साबित हो रही है। न ही ईद को लेकर पहले जैसी लोगों में खुशी है, न ही बच्चों के चेहरों पर रौनक है। बाजार भी सूने हैं। इबादत घर भी बंद है। लोग ईद तो मनाने जा रहे हैं, लेकिन वह सिर्फ रस्म अदायगी भर साबित हो रही है। इतिहास में शायद पहली मर्तबा ऐसी स्थिति पैदा हुई कि मुस्लिमों का सबसे बड़ा पर्व ईद उल फितर इतनी सादगी से मनाया जा रहा है।
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एक परिवार के नूर उल हक, रूबी खान, अर्स खान, साजेब खान, आयजा खान ने बताया कि ईद को लेकर खुशी का माहौल नहीं है बस रस्म अदा की जा रही है। एक परिवार के नईम खान, रिजवान खान, शबनम, नूरी खान, अयान, निदा खान, अलीमा खान, रशीदा खान आदि ने बताया कि हर साल पहले से ईद की खूब तैयारियां की जाती थी। ईद के दिन अच्छे पकवान बनते थे। सभी लोग नए कपड़े पहनते थे। एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है।



लहरपुर के मोहल्ला भूलनपुर गुरखेत बाजार निवासी मोहम्मद हसीन अंसारी इस बार ईद का पर्व बहुत ही सादगी पूर्वक मनाएंगे। लॉकडाउन के कारण ईदगाह पर नमाज न पढ़कर अपने परिवार सहित घर पर ही नमाज अदा करेंगे। इस बार ईद में मोहम्मद हसीन अंसारी ने निर्णय लिया है कि ईद सादगी के साथ बड़े भाई मोहम्मद सलीम अंसारी व माता जैबुन्निसाए तीन बेटियां व दो बेटों के साथ कोई भी व्यक्ति घर में नए कपड़े नहीं ग्रहण करेगा। कोशिश रहेगी कि हम लोग पास पड़ोस में पता करेंगे कि कोई व्यक्ति भूखा या परेशान है तो उसकी मदद करेंगे।
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