सीतापुर। तहसीलदार की पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वर्ष 2010 में रायबरेली जिले के डीह थाना क्षेत्र निनावां गांव निवासी तत्कालीन लहरपुर तहसीलदार (न्यायिक) दिनेश कुमार सिंह ने शहर कोतवाली में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनके अनुसार वह शहर के मोहल्ला शिवपुरी में प्रदीप कुमार मिश्र के मकान में परिवार सहित किराए पर रहते थे।
21 मई 2010 को वह सुबह ड्यूटी गए थे। घर पर उनकी पत्नी पूनम सिंह थीं। दोपहर को उन्हें जानकारी मिली कि घर के मुख्य गेट पर कुंडी लगी है। अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही है। जब वह वापस पहुंचे तो उन्हें पूनम का शव स्टोर रूम के पास पड़ा मिला। उन्होंने लूटपाट कर हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी (ओएडब्लू) की कोर्ट में चल रही थी। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने शहर के मोहल्ला सदर बाजार निवासी सफदर अली व बेगमबाग निवासी फजल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 16 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।