सीतापुर। मिश्रिख में 14 वर्ष पूर्व हुए हत्याकांड में अदालत ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-चार विजय कुमार आजाद ने चार सगे व चचेरे भाइयों को हत्या का दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषियों पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। इसमें से 50 हजार रुपये पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 जुलाई वर्ष 2011 को ग्राम खदरी मजरा अटवा निवासी चेतराम के भतीजे रमाकांत की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का कारण पारिवारिक रंजिश थी। इसमें रमाकांत के चचेरे भाई के साथ एक युवती के कहीं चले जाने को लेकर विवाद था। दोषियों ने रमाकांत की हत्या कर शव को रेलवे लाइन के किनारे गड्ढे में बबूल की लकड़ियों और मिट्टी से ढककर छिपा दिया था। अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोषी श्रीचंद्र, रमेश, उमेश और शिव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।