सीतापुर। करीब 17 साल पहले महोली थानाक्षेत्र में एक राहजनी की घटना में लूट के बाद एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश राहुल प्रकाश ने तीन आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास व 10-10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता विवेक सिंह चौहान ने की।
गौरतलब है कि 19 जून 2005 को महोली थानाक्षेत्र के बड़ागांव रोड पर बढ़इयां पुलिया के निकट राहगीरों को लूटने वाले तीन बदमाशों ने अश्वनी कुमार दीक्षित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के चाचा अनिरुद्ध द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी पर विवेचना करते हुए पुलिस ने महोली थाना क्षेत्र के ही अनिल पांडेय, रामू पासी व कान्हा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था।
न्यायालय में विचारण के दौरान आरोप तय किए जाने के बाद अभियोजन पक्ष ने अपने कथन के समर्थन में कई साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों को सच पाते हुए न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को घटना का दोषी करार दिया। तीनों को आजीवन कारावास के साथ 10-10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।