गोंदलामऊ। दहशत का पर्याय बना तेंदुआ बुधवार को दोपहर बाद एक गन्ने के खेत में आराम फरमाता दिखा। इसके बावजूद इसकी धरपकड़ में जुटी वन विभाग की टीम तेंदुए को पकड़ने में नाकाम रही। देर शाम तक वन विभाग के अधिकारी व मछरेहटा पुलिस मौके पर डेरा डाले रही लेकिन अंधेरा के कारण इस कावयद को शाम ढलते ही रोकना पड़ा। इस कारण तेंदुआ किस ओर भाग निकला इसकी जानकारी भी नहीं हो पाई है। इससे इलाके में दहशत व्याप्त है। मिश्रिख वन रेंज में तेंदुआ बीते 10 दिनों से चहल-कदमी कर रहा है। बीते मंगलवार की रात दतवल में छत पर तेंदुए को ग्रामीणों ने टहलते देखा था। इसके बाद गुजरेहटा, अशरफ नगर सेढ़ौली, रामपुर खेवटा और रघुनाथपुर के पास तेंदुए को देखा गया। खेतों में तेंदुए के पग चिह्न भी मिले। बुधवार दोपहर बाद करीब 4:46 बजे राजपुर निवासी राजा व गोलू खेत जा रहे थे। इस बीच उदईपुर पूर्वी मजरा राजपुर में उन्होंने ओमप्रकाश के गन्ने के खेत में तेंदुए को आराम करते देखा। इससे उनकी घिग्घी बंध गई। दोनों भागकर गांव पहुंचे और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद काफी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। सूचना देने के एक घंटे बाद वन विभाग की टीम भी करीब पांच बजे वन दरोगा अक्षय पांडेय की अगुवाई में पहुंची। उन्होंने खेत में तेंदुआ होने की पुष्टि की। वन दरोगा ने बताया कि टीम के आने पर तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच अंधेरा होने लगा। मिश्रिख रेंजर सिकंदर सिंह टीम समेत पहुंचे तब तक अंधेरा छा गया। मछरेहटा थाना प्रभारी ने सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीणों को खेत से दूर करवा दिया। टीम द्वारा तेंदुए को पकड़ने के लिए अब सुबह तक का इतंजार किया जा रहा है। इससे इलाके में दहशत का माहौल है।
रेंजर मिश्रिख सिकंदर सिंह ने बताया कि अंधेरा होने के बाद गाइडलाइन के तहत तेंदुए को पकड़ने की कवायद रोकना पड़ी। विभाग की टीम खेत व आसपास इलाके की रात में निगरानी में तैनात है। अगर सुबह तक तेंदुआ क्षेत्र में मौजूद होगा तो उसे पिंजरा लगाकर पकड़ा जाएगा। लोग सतर्कता बरतें, घबराने की जरूरत नहीं है।