गोंदलामऊ। गोमती नदी के कछार इलाके में तेंदुआ की चहल-कदमी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब रामपुर खेवटा के करीब तेंदुए के पग चिह्न मिले हैं। करीब 18 किमी दायरे में एक सप्ताह से तेंदुआ लगातार भ्रमणशील है।
ग्रामीणों ने इस दौरान तीन बार तेंदुआ देखने का दावा भी किया है। इसके बावजूद वन विभाग की टीम तेंदुए की लोकेशन नहीं ढूंढ पा रही है। पूरी कवायद बक कॉम्बिंग और ग्रामीणों को सतर्क करने तक सीमित है।
उधर, तेंदुए की लगातार जारी चहल-कदमी से कई गांवों में दहशत का माहौल है। मिश्रिख वन रेंज में गामती नदी के किनारे जंगल व झाड़ी तेंदुए का ठिकाना बन गया है। करीब 18 किमी के दायरे में एक सप्ताह से तेंदुआ टहल रहा है। मंगलवार रात दतवल में एक छत पर फिर गुजरेहटा और अब अशरफ नगर सेढ़ौली के पास खेत में तेंदुए को चहलकदमी करते देखा गया। वन विभाग की टीम को उसके पग चिह्न भी मिले। इसके बावजूद उसे पकड़ना तो दूर लोकेशन तक का पता नहीं लग सका है।
सोमवार की सुबह रामपुर खेवटा के करीब मुनीन्द्र अवस्थी के फार्म हाउस के पास खेत में तेंदुए के पग चिह्न नजर आए। क्षत्रीय निवासी काले सरदार ने इसकी खबर वन विभाग को खबर दी। वन विभाग की टीम ने पहुंचकर जांच के बाद तेंदुए के पग चिह्न होने की पुष्टि भी की है। इसके बाद टीम ने अशरफ नगर सेढौली के आस भी कॉम्बिंग की है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ लगातार स्थान बदल रहा है। इसलिए पिंजरा लगाने की उपयुक्त जगह भी चिह्नित नहीं हो पा रही है। वन दरोगा अनिल यादव ने बताया कि खेवटा रामपुर के करीब तेंदुए के नए पगचिह्न मिले हैं। धरपकड़ के लिए कॉम्बिंग के साथ लगातार निगरानी की जा रही है।