सीतापुर। शहर में मछली मंडी और सिधौली व महोली में मंडी समिति के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए जमीनों का चयन कर संबंधित विभागों के निदेशक को रिपोर्ट भेजी गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के निदेशकों को पत्र लिखकर चयनित भूमियों का स्थलीय निरीक्षण कराते हुए विभागीय आख्या उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
डीएम डॉ. राजा गणपति आर ने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मत्स्य पालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके दृष्टिगत शहर में मछली मंडी का निर्माण कराया जाना आवश्यक है। शहर से सटे कनवाखेड़ा में गाटा संख्या 313 ग रकबा 1.186 राजस्व अभिलेखों में श्रेणी 5-3 अन्य कृषि योग्य बंजर दर्ज है। इसमें से एक हेक्टेयर भूमि मछली मंडी के लिए प्रस्तावित की गई है। डीएम ने मत्स्य विभाग के निदेशक से प्रस्तावित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कराते हुए उपयुक्तता के संबंध में विभागीय आख्या उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
वहीं, सिधौली क्षेत्र के सुरैंचा में 1.732 हेक्टेयर और महोली क्षेत्र के चड़रा में 1.618 हेक्टेयर प्रस्तावित भूमि के लिए आयुक्त एवं निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद से स्थलीय निरीक्षण कराते हुए भूमियों की उपयुक्तता के संबंध में विभागीय आख्या उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।