लहरपुर माइनर मंगलवार देर रात फिर कट गई। इससे क्षेत्र की करीब 125 बीघा फसल जलमग्न हो गई। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेत पहुंचे तो फसलें लबालब थीं। सिंचाई विभाग के अधिकारी बुधवार को भी पटरी दुरुस्त कराने की बात कह रहे थे। हालांकि ग्रामीण जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगा रहे थे।
ग्राम रवांसी के निकट सोमवार रात माइनर कट गई थी। इसमें 100 बीघा फसल डूब गई थी। मंगलवार शाम तक सिंचाई विभाग ने माइनर की पटरी को दुरुस्त कर दिया था लेकिन मंगलवार देर रात एक बार फिर से उसी जगह से माइनर कट गई। जिसके बाद नहर का पानी आसपास के खेतों में भर गया।
सुबह तक क्षेत्र के करीब सवा सौ बीघा खेत जलमग्न हो चुके थे। बुधवार सुबह लोग जब खेत पहुंचे तो फसलें पूरी तरह से डूबी थीं। ग्रामीणों ने आननफानन सिंचाई विभाग को जानकारी दी, बावजूद इसके माइनर पटरी को दुरुस्त नहीं किया जा सका था।
विभाग के अधिकारी पटरी को दुरुस्त करने के लिए प्रयास करने की बात कह रहे थे, लेकिन बुधवार देर शाम तक कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था। नतीजतन नहर का पानी आसपास के इलाकों में भी भरने लगा। किसानों का कहना था कि जिम्मेदार लापरवाही बरत रहे हैं। यदि वे ढंग से काम करते, तो नहर पटरी दोबारा न कटती।