सीतापुर। यातायात माह में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करने में लहरपुर, महोली व मिश्रिख के सीओ फिसड्डी साबित हुए हैं। इनकी ओर से सबसे कम जुर्माना लगाया गया है।वहीं सीओ यातायात, बिसवां व सदर टाॅप तीन की सूची में शामिल हैं।
नियमों का उल्लंघन कर रहे लोगों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे में कई ऐसी सर्किल हैं, जो कार्रवाई करने में फिसड्डी साबित हो रहे हैं। निचले क्रम में देखें तो मिश्रिख सीओ ने 14 नवंबर तक 36 लाख 57 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इससे नीचे के पायदान पर सीओ महोली हैं, जिसने सिर्फ 35 लाख 56 हजार रुपये का जुर्माना किया है। इसके बाद सबसे नीचे लहरपुर सर्किल है, जिसकी ओर से अब तक सिर्फ दो लाख 49 हजार रुपये ही जुर्माना किया गया है।
इसके सापेक्ष यातायात सीओ एक करोड़ 26 लाख 79 हजार रुपये का चालान काटकर पहले स्थान पर हैं। दूसरे स्थान पर सीओ बिसवां हैं, जिन्होंने 54 लाख 98 हजार रुपये जुर्माना वसूला है। इसके बाद सीओ सदर 45 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर टॉप टेन की सूची पर तीसरे स्थान पर बने हुए हैं।
जीआरपी चालान में भी फिसड्डी
यातायात माह को जीआरपी गंभीरता से नहीं ले रही है। 14 नवंबर तक सिर्फ नौ हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जो कि बेहद कम है। अब तक इनकी ओर से केवल 19 वाहनों का ई चालान किया गया है।
दिनभर हुए ई चालान
यातायात माह में नियम तोड़ने वालों को जागरूक करने के साथ चालान भी किए जा रहे हैं। रोजाना ई चालान किये जा रहे हैं। मंगलवार को भी 2306 चालान किए गए। कुल 32 लाख सात हज़ार रुपये जुर्माना लगाया गया है। साथ ही चार हजार लोगों को यातायात के नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
- फरीद अहमद, यातायात निरीक्षक