सीतापुर। बेहतर फसल उत्पादन के लिए अब किसानों को उनकी खेतों की मिट्टी के आधार पर मार्गदर्शन मिलेगा। इसके तहत कृषि विभाग ने शुक्रवार को विशेष अभियान चलाकर जिले भर में किसानों के खेतों से 265 मिट्टी के नमूने एकत्र किए। नमूनों की जांच के बाद किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए जाएंगे, जिनके आधार पर वे वैज्ञानिक ढंग से फसलों का चयन कर सकेंगे।
राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य परियोजना के अंतर्गत यह अभियान 21 अप्रैल से शुरू हुआ है। अभियान के दूसरे दिन कृषि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व कृषि आजीविका सखियों ने समन्वित रूप से खेतों का दौरा किया। विभाग के अनुसार 139 कर्मचारी व सखियाँ अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर मिट्टी का नमूना संकलन कर रही हैं, जिससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि किसानों को जल्दी कार्ड भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। मृदा परीक्षण से न सिर्फ मिट्टी की उर्वरता का पता चलेगा, बल्कि जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि मृदा स्वास्थ्य के अनुरूप ही खाद, बीज और फसलों का चयन करना अधिक लाभदायक रहेगा।
धरैंचा गांव से हुई अभियान की शुरुआत
अभियान के दूसरे चरण में शुक्रवार को खैराबाद ब्लॉक के राजस्व ग्राम धरैंचा में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर उमेश साहू ने नमूना संकलन की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समेत विभागीय अधिकारी और तकनीकी कर्मी उपस्थित रहे।
अगले चरण की तिथियां घोषित
उप कृषि निदेशक डॉ. एसके सिंह ने बताया कि 21 अप्रैल से प्रारंभ हुए अभियान के तहत 29 अप्रैल और 5 मई को भी नमूने लिए जाएंगे। इसके लिए क्षेत्रवार कृषि कर्मचारियों और सखियों को जिम्मेदारी दी गई है। किसानों में इस अभियान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।