अपर सत्र न्यायाधीश रामचंद्र ने हत्या एवं हत्या के प्रयास के एक मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने की।
ग्राम बिजवार निवासी संजीत सिंह ने 26 मई 2011 को शहर कोतवाली में दर्ज कराई थी। वादी के मुताबिक 26 मई को ही जब उसकी मां तथा मकान में रहने वाले रामानंद मिश्रा की पत्नी व भाई रितेश सिंह घर में मौजूद थे, तभी वादी की मां का उसी घर के एक हिस्से में रहने वाले अपने देवर जय नरायन सिंह से बिजली को लेकर विवाद हो गया।
विवाद के दौरान चाचा जय नरायन सिंह अपनी बंदूक लेकर आ गए और जान से मारने की नीयत से वादी की मां श्रीमती राममूर्ति तथा वहां मौजूद रामानंद मिश्रा की पत्नी नीलम व भाई रितेश सिंह पर फायर कर दिया। इस घटना में राममूर्ति, रितेश व नीलम मिश्रा को चोटें आईं।
घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान राममूर्ति की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने नामजद अभियुक्त जय नरायन सिंह को गिरफ्तार कर उसके पास से बंदूक व उसकी नाल में फंसा खोखा बरामद कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रोषित किया।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने जय नरायन सिंह को घटना का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी पर आयद 15 हजार रुपये के अर्थदंड में से 5-5 हजार रुपये दोनों घायलों को बतौर प्रतिकर देने के निर्देश भी दिए हैं।