रेउसा (सीतापुर)। गांजर में बाढ़ आने के बाद लगातार चौथे दिन सरयू का पानी घटने से हालात सामान्य होने की उम्मीद जगी है। बाढ़ग्रस्त नगीनापुरवा के सात घरों से कटान का खतरा टल गया है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। पानी घटने के बाद भी कटान लगातार जारी है।
तटवर्ती गांवों के आसपास करीब 20 बीघा खेती वाली जमीन गुरुवार को सरयू में समा गई। प्रभावित गांवों में पानी तो घट गया लेकिन कीचड़ के कारण समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। ब्लॉक रेउसा इलाके में होकर बहने वाली सरयू नदी का जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बाढ़ आने से नगीनापुरवा निवासी इंदल, सुर्जलाल, गया प्रसाद, कमलेश आदि सात लोगों के मकान पर मंडरा रहा कटान का खतरा फिलहाल टल गया है। पिछले चार दिनों से लगातार जलस्तर में कमी आने से अब लहरें आबादी से लगभग 15 फीट दूर चली गई हैं। इससे तटीय क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिली है।
ग्रामीणों को अब जल्द ही हालात सामान्य होने की उम्मीद है। आबादी के बाहर कटान का सिलसिला नहीं थम रहा है। जटपुरवा, म्योड़ीछोलहा, दर्जिनरेती, नगीनापुरवा के आसपास बुधवार को 20 बीघा खेती योग्य जमीन फसल समेत कटान की भेंट चढ़ गई।
नगीनापुरवा, बिल्लरपुरवा, मरेली और लोधपुरवा गांवों में भरा पानी कम तो हो रहा है, लेकिन निचले स्थानों पर अब भी जलभराव तथा कीचड़ होने से ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। इसके अलावा संक्रामक रोग फैलने का खतरा गहराने लगा है। ईंधन व शुद्ध पेयजल की संकट भी बना हुआ है।
नदियों का जलस्तर काफी घट गया है। पानी आबादी से दूर चला गया है। हालात सामान्य नजर आ रहे हैं। लेकिन एहतियात के तौर पर तटीय इलाके में बराबर नजर रखी जा रही है।
- राजकुमार गुप्ता, तहसीलदार बिसवां