नैमिषारण्य। काशी कुंड की बदहाली को लेकर रविवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद तहसील प्रशासन सक्रिय हो गया। एसडीएम मिश्रिख दीपक गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए जेसीबी से कुंड और आसपास के परिसर की साफ-सफाई कराई। कुंड परिसर से कूड़ा-कचरा हटाकर उसे स्वच्छ कराया गया।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार नैमिषारण्य का काशी कुंड पितरों की आत्मा की तृप्ति और श्राद्ध कर्म के लिए विशेष महत्व रखता है। 26 सितंबर से पितृपक्ष शुरू हो रहा है। ऐसे में देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालु पिंडदान, तर्पण और अन्य कर्मकांड करते हैं।
इसके बावजूद कुंड परिसर में गंदगी का अंबार लगा था। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। रविवार के अंक में ‘आचमन करने लायक भी नहीं काशी कुंड का जल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई थी। खबर का संज्ञान लेकर प्रशासन ने सफाई कराई।