कार्तिक पूर्णिमा पर जिले के विभिन्न तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां के ऐतिहासिक नगरी नैमिषारण्य के चक्रतीर्थ पर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। करीब तीन लाख श्रद्धालुओं ने मां ललिता देवी मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों, मठों में जाकर देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना कर उनके दर्शन किए और सुख-समृद्घि के लिए मन्नतें भी मांगीं।
नैमिषारण्य के अलावा मिश्रिख, खैराबाद, हरगांव, लहरपुर आदि क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने नदियों, तीर्थों व सरोवरों में स्नान कर पूजा अर्चना की। इस दौरान जिले के कई स्थानों पर मेले का आयोजन भी किया गया। जगह-जगह भंडारे हुए। गुरुद्वारे में गुरु का पाठ व लंगर का आयोजन किया गया।
नैमिषारण्य तीर्थ पर मंगलवार की रात्रि से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। इन श्रद्धालुओं ने भोर होते ही गोमती नदी व चक्रतीर्थ में स्नान किया। जिसके बाद नैमिषारण्य में स्थित मां ललिता देवी मंदिर, हनुमान गढ़ी, व्यास गद्दी, सूत गद्दी, काली पीठ आदि मंदिरों में पहुंचकर पूजा अर्चना की।
श्रद्धालुओं ने कई स्थानों पर भंडारे का आयोजन करवाया और भगवान श्री सत्यनारायण कथा को सुना। सूत गद्दी मंदिर स्थित 108 सालिग्राम भगवान का अभिषेक कर पूजन किया गया। श्री सत्यनारायण कथा का प्रादुर्भाव इसी स्थान पर हुआ था।
कालीपीठ में काली माता का श्रंगार कर पूजन किया गया तथा भंडारे का आयोजन किया गया। बालाजी मंदिर में आकाश दीप जलाने के साथ कृतिका नक्षत्र दर्शन कर बाला जी का अभिषेक व पूजन किया। इसके साथ ही दशाश्वमेध घाट पर महंत गिरधर द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया।
स्वामी नारदानंद आश्रम, पहला आश्रम में दिन भर धार्मिक आयोजनों का सिलसिला चलता रहा। करीब 3 लाख की संख्या में श्रद्धालु नैमिषारण्य पहुंचे और पूजा अर्चना की।
दधीचि कुंड में हुआ पूजन
मिश्रिख कस्बे में दधीचि कुंड तीर्थ में श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर स्नान व पूजन किया। लहरपुर में भी भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान कर मंदिरों में पूजन अर्चन किया। उधर, खैराबाद के भुइयां ताली तीर्थ पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और स्नान किया।
श्रद्धालुओं ने भुइयां ताल में स्नान करके मां पूर्वी देवी के दर्शन किए तथा अति प्राचीन शिव मंदिर में भी दर्शन के लिए भीड़ उमड़ती रही। महिलाओं ने प्राचीन वट वृक्ष के नीचे जाकर पति की दीर्घायु की कामना की।
इस मौके पर भुइयां ताली तीर्थ परिसर स्थित सिखों कि निर्मल कुटिया गुरुद्वारा मे बाबा मंजीत सिंह द्वारा गुरुग्रंथ साहब का पाठ किया गया। वहीं विशाल लंगर का आयोजन किया गया। सत्संग में बाबा मंजीत ने कहा कि गुरुनानक देव जी द्वारा दी गई शिक्षा आज भी प्रासंगिक है। इस मौके पर महिलाओं ने देव दीवाली को मनाया और तुलसी की पूजा की।
सूर्यकुंड तीर्थ पर उमड़ी आस्था
हरगांव कस्बे में सूर्यकुंड तीर्थ पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने सूर्यकुंड तीर्थ में स्नान करने के साथ वहां मौजूद मंदिरों पर पूजा अर्चना की। इस दौरान हरगांव कस्बे में मेले का आयोजन भी किया गया।