अपर सत्र न्यायाधीश देवी शंकर प्रसाद श्रीवास्तव ने मरीज की मौत के मामले में झोलाछाप को सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गिरेंद्र पाल सिंह यादव ने की। कमलापुर के उमरिया मजरा ऊंचाखेरा निवासी सुंदर ने चिकित्सा का कोई व्यवसायिक प्रशिक्षण नहीं ले रखा था। उसने गांव की गीता देवी के स्तन में निकले फोड़े का ऑपरेशन किया।
अत्यधिक रक्तस्राव होने से गीता की मौत हो गई थी। जिसके बाद उसके परिवारीजनों ने कमलापुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने सुंदर को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 10 हजार का जुर्माना न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास होगा।