रेउसा (सीतापुर)। उफनाई शारदा नदी ने जटपुरवा गांव को निशाने पर ले लिया है। यहां के दस मकानों पर कटान का खतरा मंडराने लगा है। कटान तेज होने से करीब 150 बीघा खेती वाली जमीन नदी में समा गई है। वहीं, बैराजों से बुधवार को 2 लाख 75 हजार क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है।
गांजर इलाके में किसी भी वक्त बाढ़ दस्तक दे सकती है। हालात बेकाबू होते देख तटीय क्षेत्र के बाशिंदे दहशत में है। गृहस्थी समेटकर लोग सुरक्षित स्थान की ओर पलायन करने लगे हैं। प्रशासनिक अफसरों ने इलाके का दौरा करते हुए ग्रामीणों को अलर्ट रहने की हिदायत दी है।
बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण घाघरा व शारदा नदियां एक बार फिर उफना गई हैं। बेकाबू शारदा नदी ने तटीय क्षेत्र में विनाशलीला शुरू कर दी है। कटान तेज होने से 19 किसानों की करीब 150 बीघा खेती शारदा नदी में समा गई है।
इसी गांव के 10 मकानों से महज बीस फीट की दूरी पर लहरें पहुंच चुकी हैं। कटान का खतरा मंडराता देख सहमे ग्रामीणों ने गृहस्थी समेटकर पलायन शुरू कर दिया है। उधर, बुधवार को घाघरा, शारदा व वनवसा बैराजों से 2 लाख 75 हजार क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक बैराजों से छोड़ा जाने वाला पानी किसी भी समय बाढ़ के हालात पैदा कर सकता है। बिसवां एसडीएम शिशिर कुमार व तहसीलदार सुबह से जटपुरवा मे डेरा डाले हुए हैं, अफसरों ने ग्रामीणो से मकान खाली करने को कहा है। लेखपालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।