सीतापुर। शहर में पक्के पुल से कजियारा चौराहे तक जाम की समस्या आम हो गई है। रविवार को जाम लगने से लोग घंटों परेशान रहे। ईद का त्योहार करीब आने से जाम मुसीबत बढ़ा रहा है। सड़क के किनारे फुटपाथ पर अतिक्रमण व ई रिक्शों का बेतरतीब संचालन जाम की वजह बन रहा है। यहां कोई यातायात कर्मी और पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आता है। लिहाजा, जाम के दौरान पहले वाहन निकालने को लेकर राहगीरों में अक्सर झड़प हो जाती है।
शहर के बीच से होकर बहने वाली सरायन नदी के दूसरी तरफ का इलाका पुराना सीतापुर कहा जाता है। सरायन नदी पर पक्का पुल बना है। यह पुल शहर को पुराने सीतापुर से जोड़ता है। पक्का पुल पार करते ही जाम से लोगों को दो चार होना पड़ जाता है। यह जाम कजियारा चौराहे तक रहता है। पुराने सीतापुर की हजारों की आबादी जाम की समस्या से जूझने को मजबूर है। मुस्लिम बहुल इलाका होने के कारण इन दिनों रमजान के चलते यहां गहमागहमी बढ़ गई है। जाम की समस्या भी विकराल हो गई है।
जफर हुसैन बताते हैं कि इस मुख्य मार्ग पर लोग अपने चौपहिया वाहन खड़े कर देते हैं। दुकानदारों ने अपने सामने फुटपाथ पर अस्थायी दुकानें लगवा दी हैं। इससे सड़क और ज्यादा संकरी हो गई है। दिलशाद ने बताया कि बड़े वाहनों के आवागमन पर नो इंट्री के समय रोक लगाई जाए। नो एंट्री के समय भी इस क्षेत्र से लगातार बड़े वाहनों का आवागमन हो रहा है यह वाहन भी जाम का कारण बनते हैं। जावेद का कहना है कि ईद करीब है। ऐसे में मुस्लिम वर्ग के लोग खरीदारी करने निकल रहे हैं। जाम की समस्या से इन्हें जूझना पड़ रहा है। संजय शर्मा व नीरज शुक्ला जाम की झाम को लेकर खासा नाराज दिखे। इन लोगों ने बताया कि यहां न किसी यातायात कर्मी और न पुलिस कर्मी नजर आता है। ऐसे में ई रिक्शा चालक मनमाने तरीके से वाहन दौड़ाते हैं।