सीतापुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य के सामने रोकर अपना दुखड़ा सुनाने वाली पीड़िता को ही रामकोट पुलिस ने पाबंद कर दिया।पीड़िता के पिता ने बताया कि उनको घर पर आकर पुलिसकर्मियाें ने पाबंद किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस की कार्रवाई से परिजन नाराज हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि दोनों पक्षों ने मारपीट की थी, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
इलाके के एक गांव की युवती ने राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ प्रियंका मौर्या को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि गांव के दबंग उनके परिवार के साथ मारपीट करते हैं। वह सार्वजनिक नल पर पानी भी नहीं भर पा रहे हैं।
दबंगों ने पीड़िता को बुरी नीयत से हाथ पकड़ कर खींचा। कई बार इसकी शिकायत पुलिस से की, पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं तो उसने अपने पिता के साथ बृहस्पतिवार को शिकायत की थी। उनके पिता ने बताया कि पीड़िता समेत उनके घर के चार लोगों को पाबंद किया गया। वहीं विपक्षी दो लोगों पर भी कार्रवाई की गई है। थानाध्यक्ष जेबी पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, इसलिए यह कार्रवाई की गई है।