सीतापुर। शासन ने मनरेगा शिकायतों की जांच के लिए लोकपाल की नियुक्ति की है। मनरेगा संबंधी शिकायतों की जांच के लिए लोकपाल संबंधित अफसरों व कर्मचारियों को पत्र भेजकर दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश देते हैं। इसके बावजूद कई पत्र भेजने के बाद दस्तावेज नहीं दिए जा रहे हैं। इससे 112 शिकायतों की जांच अटकी है। स्थलीय जांच के लिए वाहन भी सुलभ नहीं कराया जा रहा है।
लोकपाल मनरेगा डाॅ. अरविंद प्रताप सिंह यादव के दफ्तर में मनरेगा कार्यों में किए गए भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतें निरंतर प्राप्त हो रही हैं। उन्हें इन शिकायतों की जांच के लिए स्टॉफ सुलभ नहीं कराया गया है। इस कारण वह मनरेगा सेल के कर्मचारियों से कार्य कराते हैं। यह जांच समय पर पूरी नहीं हो पा रही है।
लोकपाल की ओर से 112 शिकायतों के निस्तारण के लिए संबंधित अफसरों और कर्मियों को कई पत्र भेजकर दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। पर दस्तावेज नहीं दिए जा रहे हैं। स्पष्टीकरण का भी जवाब नहीं दिया जाता है। इससे जांचें प्रभावित हो रही हैं। लोकपाल ने बताया कि 172 शिकायतों में 60 का निस्तारण किया गया है। 112 शिकायतों में साक्ष्य व अभिलेख न मिलने के कारण उनका निस्तारण नहीं हो सका है। जांच कार्य में कई तरह की बाधाएं आ रही हैं।