गोंदलामऊ। ग्राम पंचायत हिंडौरा में इंटरलॉकिंग सड़क व नाली निर्माण के मामले में डीडीओ की जांच में अनियमितताएं उजागर हुई हैं। अमर उजाला में 20 अगस्त को प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ राजा गणपति आर ने डीडीओ संतोष नारायण गुप्ता को जांच अधिकारी नामित किया था।
जांच में घटिया काम कराए जाने के साथ ही बिना डीएम के अनिवार्य अनुमोदन के विकास कार्य के टेंडर निकाले जाने की पुष्टि हुई है। प्रधानों के प्रशासक बनने के बाद यह अनुमोदन जरूरी था। वहीं, मौके पर कराए गए कार्य भी मानक के इतर मिले हैं।
हिंडौरा निवासी कृष्ण कुमार ने ग्राम पंचायत में पंचम वित्त व 15 वें वित्त आयोग के तहत करीब 15 लाख रुपये की लागत से हुए विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी। डीडीओ स्तर से हुई मामले की जांच में सामने आया है कि इस कार्य को कराने के लिए डीएम से जरूरी अनुमोदन नहीं लिया गया। जांच में उजागर हुआ कि बिना अनुमोदन पत्र के ही टेंडर प्रकाशित कर ठेकेदार का चयन कर लिया।
वहीं, डीडीओ को टेंडर में प्रकाशित कार्य के सापेक्ष ईश्वरदीन के मकान से पेंट रोड तक खड़ंजा धंसा मिला। साथ ही पैकरमा के मकान से ईश्वरदीन के घर तक नवनिर्मित इंटरलॉकिंग में भी गड़बड़ी मिलीं हैं। डीडीओ संतोष गुप्ता ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारी को भेजी जा रही है।