जिले के अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर चोरी छिपे लिंग परीक्षण व नर्सिंगहोम में कन्या भ्रूण हत्या पर लगाम लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई योजना बनाई है। अब महकमा मुखबिरों की टीम तैयार करेगा जो ग्राहक के साथ अल्ट्रासाउंड केंद्र जाकर गैरकानूनी काम करने वालों को दबोचेगी। प्रदेश सरकार ने इसे आपरेशन ‘डी क्वाय’ नाम दिया है। इस योजना को अमली जामा पहनाने की कवायद शुरू हो चुकी है।
इस योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग ऐसे मुखबिर व ग्राहक तैयार करेगा जो अल्ट्रासाउंड केंद्र व नर्सिंग होम जाकर लिंग परीक्षण व कन्या भ्रूण हत्या में लिप्त लोगों को पकड़ेंगे। जिले में 35 अल्ट्रासाउंड केंद्र व 44 नर्सिंग होम हैं।
जिले का रिकार्ड देखें तो नर्सिंग होम व अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापे तो खूब पड़े, लेकिन किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर लिंग परीक्षण का न ही किसी नर्सिंगहोम पर कन्या भ्रूण हत्या का आरोप लगा।
जिले में एक भी ऐसा मामला किसी भी थाने में दर्ज नहीं है, जिसमें किसी नर्सिंगहोम पर कन्या भ्रूण हत्या का केस दर्ज कराया गया हो। यह अलग बात है कि यहां पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर लिंग परीक्षण व नर्सिंग होम पर कन्या भ्रूण हत्या का संदेह जताया जाता रहा है।
ऐसे ही संदेह को दूर करने के लिए प्रदेश सरकार की मुखबिर योजना खूब काम आएगी। जो लोग अब तक छिपकर ऐसा घिनौना काम करते आ रहे हैं, ऐसे लोगों का भंडाफोड़ नए मुखबिर कर सकेंगे।